फायर ऑडिट (फाइल फोटो) 
अकोला

सावधान अकोला! नोटिस के बाद भी नहीं जागे बिल्डिंग मालिक, क्या अब बड़े हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन?

Akola Fire Safety Audit: अकोला में आग का खतरा। 435 घटनाओं के बाद भी सिर्फ 200 इमारतों का फायर ऑडिट। नियमों की अनदेखी पड़ सकती है भारी। अग्निशमन विभाग ने दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी।

प्रिया जैस

Akola News: गर्मियों में आग लगने की घटनाओं में तेजी से वृद्धि होती है। नियमों के अनुसार बहुमंजिला इमारतों, शासकीय कार्यालयों, अस्पतालों, कोचिंग क्लासेस और अन्य प्रतिष्ठानों में अग्निरोधक यंत्रणा और आग से बचाव की योजनाएं अनिवार्य हैं। लेकिन अकोला शहर में वर्ष 2025-2026 के दौरान केवल 200 इमारतों का ही फायर सेफ्टी ऑडिट किया गया है। अग्निशमन विभाग ने कई प्रतिष्ठानों और इमारतों को नोटिस जारी किए थे, लेकिन अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली।

पिछले वर्ष में आग की 435 घटनाएं दर्ज हुईं, इसके बावजूद नागरिकों और इमारत मालिकों ने आग प्रतिबंधक उपायों को गंभीरता से नहीं लिया। विभाग ने छह माह पूर्व नोटिस देकर चेतावनी दी थी कि यदि फायर ऑडिट नहीं कराया गया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लेकिन राजनीतिक दबाव और अन्य अड़चनों के कारण कई इमारतों में आज भी सुरक्षा उपाय लागू नहीं किए गए हैं।

नई इमारतों में नियमों का पालन

नेकलेस रोड, नेहरू पार्क से संत तुकाराम चौक रोड, रिंग रोड, सिंधी कैंप, तोष्णीवाल ले-आउट, राम नगर, रणपिसे नगर से जठारपेठ चौक, डाबकी रोड आदि क्षेत्रों में हाल ही में बनी बहुमंजिला इमारतों में अग्निरोधक यंत्रणा लगाई गई है और उन्होंने फायर ऑडिट का प्रमाणपत्र भी प्राप्त किया है।

प्रतिष्ठानों की जांच

शहर की विभिन्न शालाओं, महाविद्यालयों, कोचिंग क्लासेस, मंगल कार्यालयों, मॉल्स, औद्योगिक कारखानों, अस्पतालों, शासकीय कार्यालयों, लॉन्स और सुपर शॉपियों की जांच कर नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से अधिकांश ने अग्निरोधक यंत्रणा स्थापित कर प्रमाणपत्र प्राप्त कर लिया है।

गर्मी में बढ़ती हैं घटनाएं

अकोला शहर में तापमान अधिक होने के कारण गर्मियों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। दुर्घटनाओं से बचने के लिए हर इमारत में अग्निरोधक यंत्रणा लगाना और फायर ऑडिट का प्रमाणपत्र प्राप्त करना आवश्यक है।”

  •  मनीष कथले, प्रभारी विभाग प्रमुख, अग्निशमन विभाग, अकोला

कानूनी कार्रवाई का प्रावधान

नियमों के अनुसार सभी इमारत मालिकों और संचालकों को लाइसेंस प्राप्त अभिकरण से फायर सेफ्टी ऑडिट कराना अनिवार्य है। अन्यथा उनके खिलाफ महाराष्ट्र आग प्रतिबंधक व जीवसंरक्षक अधिनियम 2006 तथा महानगरपालिका अधिनियम 1949 की धारा 376 ए के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

BRICS Summit Day 1: मोदी-जिनपिंग की मुलाकात, दिल्ली डिक्लेरेशन और गाला डिनर... समिट के पहले दिन क्या-क्या हुआ?

कांग्रेस का संगठन पुरुष प्रधान है.. कर्नाटक में महिलाओं की अनदेखी पर शिवसेना नेता कृष्णा हेगड़े ने साधा निशाना

BRICS Summit: भारत मंडपम में भव्य गाला डिनर, PM मोदी ने विदेशी मेहमानों को परोसे खास भारतीय व्यंजन

माउंट रुद्रगैरा पर लहराया तिरंगा: लखनऊ की बेटी पूर्वा धवन ने 5,826 मीटर ऊंची चोटी की फतह, मिशन एवरेस्ट पर नजर

BRICS Summit: भारत मंडपम में दिखी मोदी-पुतिन-जिनपिंग की केमिस्ट्री, तस्वीरों ने खींचा ध्यान