Akola Drought Situation: अकोला जिले में सूखे जैसी स्थिति को देखते हुए पेयजल के लिए उपलब्ध पानी का उचित नियोजन किया जाए। पानी की बर्बादी और रिसाव रोकने के साथ ही उपलब्ध जल का सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए।
यह निर्देश जिलाधिकारी वर्षा मीना ने शुक्रवार को बार्शीटाकली तहसील के महान स्थित जल शुद्धीकरण केंद्र के निरीक्षण के दौरान दिए। जिलाधिकारी ने खांबोरा स्थित उन्नई बांध, खांबोरा क्षेत्रीय जलापूर्ति योजना, जलशुद्धीकरण परियोजना तथा महान स्थित काटेपूर्णा परियोजना का दौरा कर उपलब्ध जल भंडार और जलापूर्ति की स्थिति की जानकारी ली।
नियमों का उल्लंघन होने पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी उन्होंने दिए। निरीक्षण के दौरान 64 गांवों की जलापूर्ति योजना, मुर्तिजापुर शहर की जलापूर्ति योजना और अकोला शहर की जलापूर्ति व्यवस्था सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।
खांबोरा उन्नई बांध से गाद निकालने का काम भी शुरू किया गया है। गाद हटाने से भविष्य में बांध की जलसंग्रह क्षमता बढ़ने में मदद मिलेगी, इस दौरान जलसंपदा विभाग के कार्यकारी अभियंता चिन्मय वाकोडे सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
उन्होंने कहा कि पेयजल के लिए उपलब्ध पानी का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए सटीक नियोजन आवश्यक है। कहीं भी पानी की बर्बादी या रिसाव नहीं होना चाहिए। जल संरक्षण, उचित नियोजन और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाए।
जल निकासी पर प्रतिबंध को लेकर पहले जारी आदेशों का कड़ाई से पालन किया जाए। खासकर शहरवासियों से अपील की है कि जितना जरूरी है उतने ही पानी का उपयोग किया जाए। पानी का अनावश्यक उपयोग टालें।