अकोला मनोरोग अस्पताल (सोर्सः सोशल मीडिया)
अकोला

अकोला में बनेगा 365 बिस्तरों वाला सरकारी मनोरोग अस्पताल, 16 एकड़ जमीन मंजूर

West Vidarbha Psychiatric Hospital: अकोला के माझोड़ में 16 एकड़ जमीन पर 365 बिस्तरों वाला सरकारी मनोरोग अस्पताल बनाया जाएगा। दो वर्षों में निर्माण पूरा करने की योजना है।

आंचल लोखंडे

Highlights:

  • अकोला तहसील के माझोड़ परिसर में 365 बिस्तरों वाला सरकारी मनोरोग अस्पताल बनाया जाएगा।

  • अस्पताल निर्माण के लिए 16 एकड़ जमीन मंजूर कर जिला शल्य चिकित्सक कार्यालय को हस्तांतरित की गई है।

  • अस्पताल में 10 वार्ड, ओपीडी, आईपीडी, वृद्ध मरीजों के लिए अलग वार्ड, नशामुक्ति केंद्र और विशेषज्ञ मनोरोग उपचार की सुविधा होगी।

Akola Psychiatric Hospital: पश्चिम विदर्भ में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे मरीजों को अब सरकारी खर्च पर उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अकोला तहसील के माझोड़ परिसर में 365 बिस्तरों वाला मनोरोग अस्पताल बनाया जाएगा। इसके लिए 16 एकड़ जमीन को मंजूरी मिल चुकी है और यह जमीन दो दिन पहले जिला शल्य चिकित्सक कार्यालय को हस्तांतरित कर दी गई है।

अगले दो वर्षों में अस्पताल का निर्माण पूरा करने की योजना है। पश्चिम विदर्भ में मानसिक रोगियों के लिए स्वतंत्र सरकारी अस्पताल की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। माझोड़ में जमीन उपलब्ध होने के बाद इस परियोजना के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। प्रस्तावित अस्पताल में कुल 10 वार्ड होंगे। यहां बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी), भर्ती रोगी विभाग (आईपीडी), वृद्ध मरीजों के लिए स्वतंत्र वार्ड, नशामुक्ति केंद्र और विशेषज्ञ मनोरोग उपचार जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

निर्माण को लेकर हुई बैठक

30 अक्टूबर 2026 को स्वास्थ्य विभाग और निर्माण विभाग के बीच अस्पताल के निर्माण को लेकर बैठक हुई। अब निर्माण विभाग अस्पताल का डिजाइन और विस्तृत निर्माण आराखड़ा तैयार करेगा। साथ ही परियोजना पर होने वाले कुल खर्च का अनुमान भी तैयार किया जाएगा। इसके बाद प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।

निर्माण प्रारूप और लागत का अनुमान तैयार होगा

स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर के 11 सितंबर 2025 को अकोला दौरे के दौरान इस अस्पताल के प्रस्ताव पर चर्चा हुई थी। उस समय स्वास्थ्य उपसंचालक एवं जिला शल्य चिकित्सक डॉ. आरती कुलवाल ने अकोला में स्वतंत्र मनोरोग अस्पताल स्थापित करने का प्रस्ताव शासन के समक्ष रखने के संबंध में चर्चा की थी। इसके बाद जमीन उपलब्ध कराने सहित प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ी।

चार जिलों के मरीजों को मिलेगा लाभ

अमरावती, बुलढाणा, वाशिम और यवतमाल जिलों के मानसिक रोगियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। नैराश्य, चिंता संबंधी विकार, गंभीर मानसिक बीमारियों, नशे की लत तथा वृद्धावस्था में स्मृतिभ्रंश जैसी समस्याओं से ग्रस्त मरीजों को विशेषज्ञ उपचार मिल सकेगा।

वर्तमान में ऐसे अनेक मरीजों को उपचार के लिए निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है। माझोड़ में 365 बिस्तरों का सरकारी मनोरोग अस्पताल बनने से क्षेत्र में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा और मरीजों को अपने ही क्षेत्र में उपचार की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

त्रिपुरा के बोक्सानगर में तस्करों का BSF जवान पर बर्बर हमला, अशाबारी में तनाव का माहौल; हमले का VIDEO वायरल

दिल्ली में पुलिस बनाम पुलिस, सड़क पर उतरे 150 पुलिसकर्मी, जानिए क्या हैं पांच मांगें और क्यों भड़का विवाद

WMO की महासचिव सेलेस्टे साउलो ने की भारत की तारीफ, साइक्लोन मैनेजमेंट में बताया रोल मॉडल

साइक्लोन मुरासु के बीच HPCL की रिफाइनरी में भीषण अग्निकांड, समय रहते फायर फाइटर ने आग पर पाया काबू

भीषण चक्रवात ‘मुरासु’ ने आंध्र प्रदेश के तट को पार किया, अलर्ट मोड पर मौसम विभाग और प्रशासन