Akola Gram Panchayat Administrators: अकोला जिले की 534 ग्राम पंचायतों में से 246 ग्राम पंचायतों पर नियुक्त पूर्व सरपंचों का प्रशासक के रूप में छह महीने का कार्यकाल 27 अगस्त को समाप्त हो गया। कार्यकाल समाप्त होने के बाद सरकार की ओर से आगे की प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर अब तक कोई नया आदेश जारी नहीं किया गया है। इसके चलते संबंधित ग्राम पंचायतों के कामकाज और विभिन्न विकास कार्यों को लेकर अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई है।
सरकार की ओर से पूर्व सरपंचों की प्रशासक के रूप में नियुक्ति करते समय आदेश में ‘अगले आदेश तक’ का उल्लेख किया गया था। ऐसे में छह महीने की अवधि पूरी होने के बावजूद प्रशासकों के संबंध में आगे क्या निर्णय लिया जाएगा, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। सरकार के अगले आदेश की ओर सभी की निगाहें लगी हैं।
ग्राम पंचायतों के चुनाव टलने के कारण चुनाव होने तक पूर्व सरपंचों को ही प्रशासक बनाए रखने की मांग को लेकर कुछ पूर्व सरपंचों ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। मामला न्यायालय में विचाराधीन रहने के दौरान ही राज्य सरकार ने पूर्व सरपंचों को ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त किया था। इसके बाद इन नियुक्तियों को चुनौती देते हुए कुछ लोगों ने दोबारा उच्च न्यायालय का रुख किया। न्यायालयीन प्रक्रिया के चलते प्रशासकों के अधिकारों पर भी सीमाएं लगाई गई थीं। उन्हें मुख्य रूप से ग्राम पंचायत कर्मचारियों के वेतन एवं भत्ते निकालने जैसे नियमित कार्यों तक अधिकार सीमित किए गए थे।
प्रशासकों का कार्यकाल समाप्त होने और नई व्यवस्था को लेकर स्पष्टता नहीं होने से ग्राम पंचायतों में प्रलंबित विकास कार्य प्रभावित होने की आशंका है। उपलब्ध निधि खर्च करने के अधिकारों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं होने से गांवों में सड़क, पानी, स्वच्छता सहित अन्य विकास कार्यों की गति रुक सकती है।