किसान (सौ. सोशल मीडिया ) 
अकोला

लॉटरी सिस्टम से बदलेगी किसानों की किस्मत, कृषि योजनाओं से होगा 820 लाभार्थियों को फायदा

कृषि विभाग द्वारा उपकर निधि के अंतर्गत महाराष्ट्र सरकार किसानों को फायदा देने की तैयारी में जुटी हुई है। जिसमें से 820 लाभार्थियों का चयन किया गया है, जिसमें 41 ऐसे किसान है, जो कि दिव्यांग हैं।

अपूर्वा नायक

Akola News In Hindi: जिला परिषद कृषि विभाग द्वारा उपकर निधि (सेस फंड) अंतर्गत वर्ष 2025–26 के लिए प्रस्तावित विभिन्न योजनाओं का लाभ देने हेतु पहली बार 820 लाभार्थियों का चयन लॉटरी पद्धति से किया गया। इनमें 41 दिव्यांग किसानों को भी शामिल किया गया है।

पहले हर वर्ष पदाधिकारियों की सिफारिश के आधार पर लाभार्थियों का चयन होता था, लेकिन इस बार प्रशासकीय शासन के चलते लॉटरी प्रणाली अपनाई गई, जिससे किसानों के चेहरों पर संतोष झलकता दिखाई दिया। यह चयन प्रक्रिया हाल ही में संविधान सभागृह में हुई।

कृषि विभाग द्वारा सामान्य वर्ग के किसानों को आवश्यक कृषि सामग्री 90 प्रश अनुदान पर वितरित की जाती है। इस वर्ष इसके लिए 1।08 करोड़ रु। का बजट स्वीकृत किया गया है। इसमें 779 सामान्य और 41 दिव्यांग लाभार्थी शामिल हैं। जनवरी 2025 में जिला परिषद सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासकीय व्यवस्था लागू हुई।

पूर्व में व्यक्तिगत लाभ की योजनाओं में राजनीतिक खींचतान और विषय समितियों में विवाद के कारण चयन प्रक्रिया में देरी होती थी। लेकिन इस बार खरीफ सीजन की शुरुआत में ही लॉटरी पद्धति से योजनाओं का लाभ वितरित किया गया, जिससे किसानों को समय पर सहायता मिल सकी। यह प्रक्रिया जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनीता मेश्राम, अधिकारी डॉ तुषार जाधव, अभियान अधिकारी महेंद्र सालके और मिलिंद जंजाल के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।

108 करोड़ की योजना

कृषि विभाग ने 4 मई से आवेदन प्रक्रिया शुरू की थी, जिसकी अंतिम तिथि 21 मई थी। आमतौर पर हर वर्ष इस योजना को तीन बार विस्तार मिलता है, लेकिन इस बार पहले ही चरण में ही कुल लाभार्थियों की संख्या से दस गुना अधिक यानी 7,579 आवेदन प्राप्त हुए। इतने अधिक आवेदनों में से चयन करना कठिन था, इसलिए प्रशासन ने लॉटरी पद्धति अपनाकर प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध रूप से पूरा किया।

योजनावार लाभार्थियों का विवरण

कृषि विभाग द्वारा उपकर निधि (सेस फंड) अंतर्गत वर्ष 2025–26 के लिए प्रस्तावित योजनाओं में कुल 820 लाभार्थियों का चयन किया गया है, जिनमें 41 दिव्यांग किसान भी शामिल हैं। जिसमें एचडीपीई पाइप योजना के तहत 65 किसानों को लाभ दिया गया, जिनमें 3 दिव्यांग हैं। पीवीसी पाइप योजना में 58 लाभार्थी हैं, जिनमें 3 दिव्यांग शामिल हैं। मनुष्यचलित बुवाई यंत्र योजना के अंतर्गत 71 किसानों को लाभ मिला, जिनमें 4 दिव्यांग लाभार्थी हैं। इलेक्ट्रिक पंप योजना में 133 लाभार्थियों का चयन हुआ, जिनमें 7 दिव्यांग शामिल हैं। बीज प्रक्रिया यंत्र योजना के तहत 77 किसानों को लाभ मिला, जिनमें 4 दिव्यांग हैं। सोलर झटका मशीन योजना में सर्वाधिक 300 किसानों को लाभ मिला, जिनमें 15 दिव्यांग लाभार्थी हैं। कल्टिवेटर यंत्र योजना में 49 लाभार्थी हैं, जिनमें 2 दिव्यांग शामिल हैं। वहीं ब्रश कटर यंत्र योजना के तहत 67 किसानों को लाभ मिला, जिनमें 3 दिव्यांग लाभार्थी हैं। इस प्रकार कुल 820 लाभार्थियों में से 41 दिव्यांग किसानों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया है।

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