(कांसेप्ट फोटो सौ. सोशल मीडिया) 
महाराष्ट्र

अजित पवार ने भतीजे रोहित पर बोला हमला, कहा - अगर मैंने वहां प्रचार किया होता तो....

रोहित पवार का अजित पवार से आमना-सामना हुआ। अपने भतीजे को बधाई देने के दौरान अजित पवार ने चुटकी लेते हुए कहा कि- अगर मैंने रैली की होती तो सोचो क्या ही होता।

शिवानी मिश्रा

महाराष्ट्र:  महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने सोमवार यानी आज राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरदचंद्र पवार (NCP) के नेता एवं अपने भतीजे रोहित पवार से कहते है कि- अगर मैने रोहित पवार के विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार किया होता, तो उनके लिए सीट जीतना थोड़ा मुश्किल हो जाता। बता दें कि संपन्न महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में NCP प्रमुख शरद पवार के पोते रोहित पवार ने भारतीय जनता पार्टी के राम शिंदे को 1,243 वोटो के मामूली अंतर से हराकर अहिल्यानगर जिले में कर्जत जामखेड सीट बरकरार रखी।

इसके साथ ही सोमवार को रोहित पवार, और NCP प्रमुख के साथ राज्य के पहले सीएम वाई. बी. चव्हाण की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देने के लिए उनके स्मारक पर गए थे। हलांकि बाद में उपमुख्यमंत्री और NCP नेता अजित पवार भी दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने चव्हाण की समाधि पर गए।

रोहित पवार का अजित पवार से आमना-सामना

और वहां रोहित पवार का अजित पवार से आमना-सामना हुआ। अपने भतीजे को बधाई देने के दौरान अजित पवार ने चुटकी लेते हुए कहा कि- आओ, मेरा आशीर्वाद लो। तुम मुश्किल से (सीट बचाने में) बच गए। अगर मैंने रैली की होती तो सोचो क्या ही होता। और इसके बाद रोहित पवार ने उनके पैर छुए। NCP नेता ने बाद में संवाददाताओं से कहा- मतभेदों के बाद भी अजित पवार उनके लिए पिता के समान हैं। हलांकि 2019 के चुनाव में अजित पवार ने मेरी बहुत सहायता की है। और वह मेरे चाचा भी हैं, इसलिए उनके पैर छूना मेरा फर्ज है। ये भूमि चव्हाण साहब की है। और उनके जरिए दी गई परंपरा एवं मूल्यों का पालन करने की जरूरत है। दरअसल अजित पवार के स्नेह भरे परिहास के बारे में पूछे जाने पर रोहित पवार ने कहा है कि ये सच है कि अगर उनके चाचा ने रैली की होती तो चीजें अलग होतीं।

बता दें कि रोहित पवार ने कहा है कि वो हाल के चुनावों में उपमुख्यमंत्री के प्रदर्शन के लिए उन्हें बधाई देते हैं। इसके साथ ही महाराष्ट्र में 288 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनावों में अजित पवार के नेतृत्व वाली NCP ने 41 सीट जीतकर प्रदर्शन किया है। जबकि उनके चाचा की अगुवाई वाली NCP का प्रदर्शन निराशाजनक रहा जिसने केवल 10 सीट पर जीत दर्ज की है।

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