Onion Farmers Distress:प्याज के दाम गिरने से किसान (सोर्सः सोशल मीडिया) 
अहमदनगर

Ahilyanagar: किसान से 1 रुपए में खरीद, ग्राहक को 20 में बिक्री, व्यापारी कर रहे प्याज की खुली लूट

Onion Farmers Distress: प्याज के दाम गिरने से किसान भारी संकट में हैं, जहां किसानों से 1 रुपये किलो प्याज खरीदा जा रहा है और बाजार में वही प्याज 20 रुपये में बेचा जा रहा है।

आंचल लोखंडे

Ahilyanagar Market: एक ओर प्याज का भाव 2 से 3 हजार रुपये प्रति क्विंटल दिखाया जा रहा है, लेकिन हकीकत में किसानों से प्याज मात्र 100 से 200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। यह स्थिति पूरे राज्य के किसानों के लिए बेहद शर्मनाक है। पिछले 8 से 10 वर्षों से प्याज को उचित दाम नहीं मिल पा रहा है। हर साल की तरह इस साल भी प्याज ने किसानों को रुलाया है, जबकि व्यापारी मालामाल हो रहे हैं।

नगर जिले में फिलहाल यह तस्वीर सामने आ रही है कि किसानों से प्याज सिर्फ 2 से 3 रुपये प्रति किलो में खरीदा जा रहा है और वही प्याज उपभोक्ताओं को 15 से 20 रुपये प्रति किलो बेचा जा रहा है। राज्य की अधिकांश प्रमुख सब्जी मंडियों में व्यापारी प्याज 20 रुपये या उससे अधिक दर पर बेच रहे हैं, जबकि भाव न मिलने से किसान गहरे संकट में हैं। व्यापारी किसानों की मेहनत का मज़ाक उड़ा रहे हैं। कार का किराया तो निकल रहा है, लेकिन मेहनत की कीमत नहीं मिल रही। एक किलो प्याज सिर्फ 1 रुपये में बिक रहा है।

प्याज किसान को रुलाने वाली एक घटना ही काफी

गर्मी के मौसम का पुराना प्याज खत्म होने के बाद नया लाल प्याज बाजार में आ गया है, लेकिन कीमत बेहद कम होने से किसान परेशान हैं। पाथर्डी तालुका के धारवाड़ी गांव के किसान अर्जुन सोनावणे की घटना किसानों की पीड़ा को उजागर करती है। उन्हें प्याज के लिए मात्र 1 रुपये प्रति किलो का भाव मिला, जिसके कारण उन्हें अपनी जेब से ट्रेन का किराया देना पड़ा। यह घटना किसी भी किसान की आंखें नम करने के लिए काफी है।

बाजार में 15 से 25 रुपये किलो, किसान को सिर्फ 1 रुपया से खरीदा जा रहा है। किसानों को संदेह है कि सरकार इस गंभीर समस्या का कोई समाधान निकालेगी या नहीं। गारंटीशुदा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर ठोस कदम न उठाए जाने से किसानों में भारी आक्रोश है।

किसान परेशान, व्यापारी मालामाल

भाव न मिलने के कारण प्याज की कटाई तक की लागत निकालना किसानों के लिए मुश्किल हो गया है। कई किसानों ने बैंक से कर्ज लेकर फसल तैयार की है, जिसे चुकाना अब बड़ी चुनौती बन गया है। दूसरी ओर, व्यापारी किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर सस्ते में खरीदे गए प्याज को उपभोक्ताओं को डेढ़ गुना कीमत पर बेच रहे हैं। यह स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की खुली लूट और शहरी बाजारों में उपभोक्ताओं के साथ हो रही ठगी की सच्ची तस्वीर पेश करती है।

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