Ahilyanagar Drought Alert: मौसम विभाग ने जहां बड़े सूखे का अनुमान लगाया है, वहीं आम लोगों ने भरपूर बारिश का अनुमान लगाया है। इस वजह से किसान भ्रम और इस दुविधा में हैं कि कम बारिश में बुआई करें या नहीं। इस बीच, प्रशासन ने सूखे के खतरे को देखते हुए प्लानिंग शुरू कर दी है। पिछले साल जिले में हुई बारिश को देखते हुए जून तक सभी बांध आधे से ज्यादा भर गए थे। लेकिन, इस साल आधा जून बीत जाने के बाद भी बारिश का कोई नामोनिशान नहीं है।
किसानों ने बुआई के लिए जमीन तैयार कर ली है। खेती पर पैसा खर्च कर दिया है। अब उनके लिए आसमान की तरफ देखने का समय है। मौसम विभाग कह रहा है कि इस साल बारिश के मौसम पर अल नीनो का बड़ा असर है। इसलिए अभी से सूखे के आसार हैं। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। बांध में सर्कुलेशन बंद कर दिए गए हैं।
सभी बांधों का पानी पीने के लिए रिज़र्व कर दिया गया है। हुक्मरानों से लेकर ज़िला प्रशासन तक, सबने बांध या दूसरे तालाबों से बिना इजाज़त पानी निकालने पर सख़्त रोक लगा दी है। अगर संबंधित इलाकों में इलेक्ट्रिक गाड़ियां पीने के पानी के लिए मोड़ी गईं तो उन्हें ज़ब्त करने के आदेश जारी किए गए हैं। जबकि यह हाल है, दूसरी तरफ़, एक्सपर्ट अच्छी बारिश की संभावना बता रहे हैं। कहा जा रहा है कि सूखा नहीं पड़ेगा। जबकि सरकार और प्रशासन मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक अच्छी बारिश होने तक बुआई न करने की बात कह रहे हैं, एक्सपर्ट अच्छी बारिश की संभावना बता रहे हैं, इसलिए किसान इस उलझन में हैं कि कम बारिश में बुआई करें या नहीं।
अहिल्यानगर जिले के 161 गांवों और 877 घरों में 151 टैंकरों से पानी की सप्लाई शुरू कर दी गई है। यह दिन-ब-दिन बढ़ रही है। जिले की चीनी फैक्ट्रियां और बड़ी कंपनियां पानी की कमी को दूर करने के लिए पहल करने और प्रशासन का सहयोग करने की ज़रूरत बता रही हैं।
ये भी पढ़े: Nagpur Crime Branch Action: अमरावती रोड पर पकड़ा गया संदिग्ध ट्रक; बोरियों में छिपा 35.5 किलो गांजा बरामद
बांध का पानी सिर्फ़ पीने के लिए संरक्षित करने के आदेश हैं। पहले 31 अगस्त तक पानी संरक्षित करने के आदेश थे। अब इसे 30 सितंबर तक बढ़ा दिया गया है। इस वजह से फ़सलों का रोटेशन पूरी तरह से रुक गया है। बाग़, गन्ना वगैरह फ़सलों पर बुरा असर पड़ने की संभावना है।
हर गांव में पानी के टैंकर का टाइम तय कर दिया गया है। पानी के सोर्स वाले इलाके में बिजली सप्लाई ठीक रखने के निर्देश हैं। कोशिश की जा रही है कि पानी की एक भी बूंद बर्बाद न हो। इसके तहत गांव की आबादी के हिसाब से 2 से 5 हजार लीटर कैपेसिटी के टैंक बनाकर उनमें पानी डाला जाएगा। टैंकों में कॉक लगाए जाएंगे। इसके लिए डिस्ट्रिक्ट प्लानिंग कमेटी से फंड दिया जाएगा।