Mumbai-Ahmedabad Bullet Train Project Underwater Tunnel: महाराष्ट्र में भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना ने निर्माण के मोर्चे पर तेजी पकड़ ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन से जुड़ी इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुंबई से लेकर ठाणे और पालघर जिलों में निर्माण कार्य जल, थल और सुरंगों के भीतर एक साथ आगे बढ़ रहा है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा साझा की गई निर्माण कार्यों की झलक परियोजना के विशाल पैमाने और आधुनिक इंजीनियरिंग क्षमता को दर्शाती है।
ठाणे जिले के शिलफाटा से महाराष्ट्र-गुजरात सीमा पर स्थित जरोली गांव तक करीब 135.45 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड सेक्शन यानी जमीन के ऊपर कॉरिडोर तैयार किया जा रहा है। इसमें 124.027 किलोमीटर वायाडक्ट और पुल शामिल हैं।
इस सेक्शन में ठाणे, विरार और बोईसर तीन एलिवेटेड बुलेट ट्रेन स्टेशनों का निर्माण जारी है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए ठाणे स्टेशन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि मैंग्रोव क्षेत्र सुरक्षित रहे और स्टेशन का कॉनकोर्स प्राकृतिक भूमि स्तर से लगभग 12 मीटर ऊपर हो।
निर्माण की गति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 100 किलोमीटर से अधिक हिस्से में पियर निर्माण का काम प्रगति पर है, जबकि करीब 74 किलोमीटर के पियर वायाडक्ट गर्डरों की लॉन्चिंग के लिए तैयार हैं। महाराष्ट्र में नौ कास्टिंग यार्ड, सात फुल-स्पैन लॉन्चिंग गैन्ट्री और आठ एसबीएस लॉन्चिंग गैन्ट्री निर्माण कार्य को गति दे रहे हैं।
इस कॉरिडोर की इंजीनियरिंग चुनौती केवल एलिवेटेड ट्रैक तक सीमित नहीं है। सेक्शन में सात पर्वतीय सुरंगें हैं, जिनमें तीन में ब्रेकथ्रू हासिल हो चुका है। अब इन सुरंगों में ड्रेनेज, वॉटरप्रूफिंग और लाइनिंग का कार्य आगे बढ़ रहा है।
वहीं जलमार्गों को पार करने के लिए उल्हास नदी पर 460 मीटर, वैतरणा नदी पर 2.32 किलोमीटर और जगनी नदी पर 510 मीटर लंबे प्रमुख पुलों का निर्माण किया जा रहा है। परियोजना में कुल 36 पुल और क्रॉसिंग शामिल हैं। इनमें प्रमुख रेलवे लाइनों, उल्हास नदी, मुंबई-नासिक हाईवे और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों को पार करने वाले 12 स्टील ब्रिज भी शामिल हैं।
बीकेसी से ठाणे खाड़ी तक बुलेट ट्रेन 29 किमी लंबी सुरंग के अंदर से गुजरने वाली है। इनमें लगभग 7 किमी की सुरंग पानी के नीचे होगी। यहां भी तेजी से काम हो रहा है। ठाणे और पालघर में चल रहा यह निर्माण कार्य दिखाता है कि भारत हाई-स्पीड रेल के अत्याधुनिक युग की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
बुलेट ट्रेन परियोजना न केवल मुंबई और गुजरात के बीच तेज कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी, बल्कि देश की आधुनिक परिवहन व्यवस्था और इंजीनियरिंग क्षमता को भी नई दिशा देगी।