

Bullet Train Project in India: देश में बुलेट ट्रेन नेटवर्क के विस्तार के तहत सरकार ने 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में दिल्ली–वाराणसी रूट सबसे अहम है, जिसके तहत दिल्ली से लखनऊ की दूरी लगभग 2 घंटे और दिल्ली से वाराणसी की यात्रा करीब 3 घंटे 15 मिनट में पूरी होने की योजना है। इन ट्रेनों की अधिकतम गति 350 किमी प्रति घंटे तक होगी। सरकार का लक्ष्य देश में तेज और आधुनिक रेल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना है।
इनमें दिल्ली-वाराणसी, मुंबई-पुणे, मुंबई-अहमदाबाद, बेंगलुरु-चेन्नई, बेंगलुरु-हैदराबाद, पुणे-हैदराबाद और दिल्ली-सिलिगुड़ी जैसे महत्वपूर्ण रूट शामिल हैं। इन कॉरिडोर के जरिए प्रमुख शहरों के बीच यात्रा समय में भारी कमी आने की उम्मीद है, जिससे आर्थिक गतिविधियों और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा।
दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड कॉरिडोर लगभग 812 किलोमीटर लंबा होगा। इस रूट पर बुलेट ट्रेन की अधिकतम गति 350 किमी प्रति घंटे और औसत संचालन गति 320 किमी प्रति घंटे रहने की संभावना है। इस प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली से लखनऊ की दूरी लगभग 2 घंटे में और दिल्ली से वाराणसी की यात्रा करीब 3 घंटे 15 मिनट में पूरी होने का अनुमान है। रूट पर दिल्ली, नोएडा, मथुरा, आगरा, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, अयोध्या, प्रयागराज और वाराणसी जैसे शहरों में स्टेशनों का प्रस्ताव रखा गया है।
इन रूट्स को आर्थिक और औद्योगिक विकास के नए कॉरिडोर के रूप में भी देखा जा रहा है।
भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर है, जो जापान की शिंकान्सेन तकनीक और सहयोग से विकसित की जा रही है। 508 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट की नींव 2017 में रखी गई थी। भूमि अधिग्रहण और प्रशासनिक देरी के कारण परियोजना में विलंब हुआ, लेकिन वर्तमान में निर्माण कार्य तेजी से जारी है। सरकार का अनुमान है कि पहला सेक्शन 2027 तक शुरू हो सकता है, जबकि पूरी लाइन 2028–29 तक चालू की जा सकती है।