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महाराष्ट्र

ठाणे : आनंद दिघे आश्रम में नोट लुटाने वाले शिवसेना नेताओं पर CM शिंदे का एक्शन, दोनों पार्टी से निष्कासित

राहुल गोस्वामी

ठाणे: शिवसेना ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सियासी गुरु दिवंगत आनंद दिघे की तस्वीर के सामने कुछ लोगों के नाचने और नोट बरसाने का वीडियो सामने आने के बाद पार्टी की ठाणे इकाई के दो पदाधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है। आनंद दिघे आश्रम को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का गुरुस्थान माना जाता है।

यह घटना बीते 12 सितंबर को गणेश उत्सव के समय की है। एक वीडियो में कुछ स्थानीय पार्टी कार्यकर्ता आनंद आश्रम में दिघे की तस्वीर के सामने नाचते और पैसे बरसाते नजर आ रहे हैं। इसी आनंद आश्रम के एक कमरे में आनंद दिघे रहते थे। आनंद आश्रम में हुई इस घटना से आक्रोश फैल गया था। आनंद दिघे की तस्वीर के सामने नोट उड़ाने की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। जिसको लेकर शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने शिंदे गुट पर जोरदार हमला बोला था।

दिघे आनंद आश्रम से शिवसेना की ठाणे इकाई का संचालन करते थे। इस वीडियो की क्लिप बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। मुख्यमंत्री शिंदे और ठाणे से सांसद नरेश म्हास्के ने इस घटना को लेकर नाराजगी जताई और इसे ‘‘बेहद अप्रिय'' बताया। इस पत्र में लिखा है कि दिवंगत शिवसेना नेता आनंद दिघे का ठाणे में आनंदश्रम मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ-साथ शिवसैनिकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

उन्होंने कहा कि दिघे जिस सम्मानजनक तरीके से इस प्रकार के उत्सवों को मनाते थे यह घटना उसके विपरीत है। म्हास्के द्वारा शनिवार रात को जारी आदेश के अनुसार इस मामले में पार्टी के दो पदाधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया है। आदेश में बर्खास्त किए गए पदाधिकारियों के पदों के बारे में नहीं बताया गया। CM शिंदे की पार्टी ने ऐसे समारोहों के दौरान संयमित आचरण की आवश्यकता पर जोर दिया।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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