रंजना प्रकाश देसाई (सोर्स- सोशल मीडिया) 
मध्य प्रदेश

कौन हैं रंजना प्रकाश देसाई? उत्तराखंड और गुजरात के बाद अब MP ने सौंपी UCC ड्राफ्ट करने की जिम्मेदारी

Madhya Pradesh UCC: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में UCC का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए 6 सदस्यीय समिति गठित की। जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई करेंगी अध्यक्षता। जानें कौन हैं रंजना प्रकाश देसाई।

सजल रघुवंशी

Who Is Ranjana Prakash Desai: मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव की सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने इसके लिए मसौदा तैयार करने हेतु 6 सदस्यीय समिति का गठन किया है। राजधानी भोपाल से विधि एवं विधायी कार्य विभाग ने 27 अप्रैल को इस संबंध में आदेश जारी कर जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

सरकार का लक्ष्य इस साल दिवाली तक यूसीसी लागू करने का है। बता दें कि उत्तराखंड और गुजरात में पहले ही यूसीसी लागू किया जा चुका है और अब मध्य प्रदेश में भी इसे लागू करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस 6 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त जज रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। गौरतलब है कि रंजना देसाई को गुजरात और उत्तराखंड के यूसीसी को ड्राफ्ट करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी।

ड्राफ्टिंग कमेटी में कौन-कौन शामिल

बता दें कि ड्राफ्टिंग कमेटी की अध्यक्षता रंजना प्रकाश देसाई करेंगे और इसके सदस्यों में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह, कानूनी विशेषज्ञ अनूप नायर, शिक्षाविद गोपाल शर्मा और समाज सेवी बुधपाल सिंह शामिल हैं। इस समिति का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए विस्तृत मसौदा तैयार करना है।

कौन हैं रंजना प्रकाश देसाई?

रंजना प्रकाश देसाई कानूनी क्षेत्र की एक प्रतिष्ठित हस्ती हैं। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट के उन्होंने अपने पिता, जाने-माने आपराधिक वकील एस जी सामंत के साथ भी काम किया।

  • शिक्षा: वर्ष 1970 में मुंबई के एल्फिंस्टन कॉलेज से बीए और 1973 में गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से कानून की डिग्री प्राप्त की।
  • प्रारंभिक करियर: जस्टिस एस.सी. प्रताप के जूनियर के रूप में वकालत की शुरुआत की और कई दीवानी व फौजदारी मामलों में पैरवी की।
  • सरकारी नियुक्तियां: वर्ष 1979 में बॉम्बे हाई कोर्ट में सरकारी वकील नियुक्त हुईं और बाद में 'निवारक नजरबंदी' से जुड़े मामलों के लिए विशेष सरकारी वकील के रूप में कार्य किया।
  • न्यायिक सफर: साल 1996 में बॉम्बे हाई कोर्ट की जज बनीं, साल 2011 में पदोन्नत होकर सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश के पद पर पहुंचीं।

जम्मू कश्मीर में संभाल चुकी हैं यह बड़ी जिम्मेदारी

रंजना प्रकाश देसाई ने 2018 में अग्रिम निर्णय प्राधिकरण की अध्यक्षता संभाली। देसाई भारत के परिसीमन आयोग की अध्यक्ष भी रहीं। इस आयोग ने जम्मू-कश्मीर के लिए सात नई विधानसभा सीटों की सिफारिश की थी, जिनमें छह सीटें जम्मू और एक सीट कश्मीर क्षेत्र के लिए प्रस्तावित की गई। इन सिफारिशों के बाद केंद्र शासित प्रदेश में कुल विधानसभा सीटों की संख्या 83 से बढ़कर 90 हो गई।

तीन राज्यों के बाद अब एमपी यूसीसी का बनाएंगी ड्राफ्ट

सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई को तीन भाजपा शासित राज्यों- उत्तराखंड, गुजरात और छत्तीसगढ़।  ने समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी थी और अब वह मध्य प्रदेश यूसीसी की जिम्मेदारी भी संभालने जा रही हैं।

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