Vidisha Medical Store License Cancelled: विदिशा जिले में आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले मेडिकल स्टोर्स के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। कलेक्टर अंशुल गुप्ता के निर्देश पर औषधि प्रशासन विभाग द्वारा पिछले एक साल से जिलेभर में चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान के दौरान 32 थोक एवं फुटकर दवा विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। इसे जिले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
प्रशासन द्वारा की गई जांच में कई मेडिकल स्टोर्स औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के प्रावधानों और निर्धारित मानकों का पालन करते हुए नहीं पाए गए। कई दुकानों में आवश्यक दस्तावेजों की कमी, नियमों के विपरीत दवाओं का भंडारण और संचालन संबंधी अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद विभाग ने संबंधित दुकानों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके लाइसेंस रद्द कर दिए हैं।
औषधि निरीक्षक जॉन प्रवीण कुजूर ने बताया कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया था। जांच के दौरान लटेरी, गंजबासौदा, सिरोंज, कुरवाई, ग्यारसपुर और शमशाबाद सहित कई स्थानों पर संचालित मेडिकल स्टोर्स में नियमों का उल्लंघन पाया गया। कार्रवाई के दायरे में कृपा मेडिकल, आर्या मेडिकल, श्री बिहारी जी मेडिकल, आयुषी मेडिकल और मयंक मेडिकल स्टोर समेत कई प्रतिष्ठान शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि दवा विक्रेताओं के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है। यदि कोई प्रतिष्ठान बिना वैध अनुमति या नियमों के विपरीत संचालित पाया जाता है तो उसके खिलाफ इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी। विभाग का मुख्य उद्देश्य लोगों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और प्रमाणित दवाएं उपलब्ध कराना है।
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कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने कहा कि जिला प्रशासन आम जनता के स्वास्थ्य को लेकर पूरी तरह गंभीर है। किसी भी व्यक्ति को नकली, एक्सपायरी या नियमों के विरुद्ध बेची जा रही दवाओं से नुकसान न हो, इसके लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि जिले में मेडिकल स्टोर्स की जांच का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने सभी दवा विक्रेताओं से अपील की है कि वे निर्धारित मानकों और कानूनी प्रावधानों का पालन करें, ताकि मरीजों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।