Ujjain Shahi Masjid Controversy: सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के दौरान शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने को लेकर हुए हंगामे की जांच में सोशल मीडिया को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है।
पुलिस के अनुसार, एआई से बनाई गई भ्रामक तस्वीरों, फर्जी वीडियो और भड़काऊ संदेशों के जरिए यह भ्रम फैलाया गया कि पूरी मस्जिद को गिराया जा रहा है। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुटे और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि शाही मस्जिद को पूरी तरह जमींदोज किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि कुछ पोस्ट में कार्रवाई की तुलना बाबरी मस्जिद विध्वंस जैसे संवेदनशील मामले से की गई। साथ ही लोगों से छत्री चौक और मस्जिद परिसर पहुंचने की अपील भी की गई। इन संदेशों के वायरल होने के बाद मौके पर भीड़ बढ़ी और कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव किया। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उज्जैन पुलिस ने सोशल मीडिया पर फर्जी और भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196(1), 299, 353(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने इंस्टाग्राम पर लोगों को छत्री चौक पहुंचने की अपील करने वाले इमरान खान और देर रात मस्जिद के पास जुटने का आह्वान करने वाले आरिफ पठान समेत अन्य संदिग्धों की पहचान की है। पुलिस सोशल मीडिया पोस्ट और उनके प्रसार की जांच कर रही है।
प्रशासन के अनुसार, शाही मस्जिद को पूरी तरह हटाने की कोई योजना नहीं थी। सिंहस्थ 2028 के लिए प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण की सीमा में आने वाले मस्जिद के केवल अग्रिम हिस्से को हटाने पर सहमति बनी थी। प्रशासनिक अधिकारियों और मस्जिद समिति के प्रतिनिधियों के बीच रविवार रातभर बैठक चली। सोमवार सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच सहमति बनने के बाद मस्जिद समिति के सदस्य स्वयं प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई कर रहे थे।
उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने मंगलवार को बताया कि शाही मस्जिद और आसपास के इलाके में अब स्थिति शांतिपूर्ण है। एहतियात के तौर पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन के मुताबिक सड़क चौड़ीकरण का काम सिंहस्थ 2028 के सुचारु आयोजन के लिए जरूरी है और इसे मस्जिद समिति की सहमति से आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि माहौल बिगाड़ने वाले लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।