Highlights:
माकड़ोन अनाज मंडी में लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई।
उप निरीक्षक रोशन आर्य और कर्मचारी संतोष भाटी ₹4,000 लेते पकड़े गए।
शिकायतकर्ता ने सोयाबीन की हर बोरी पर ₹10 मांगने का आरोप लगाया।
दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत केस दर्ज किया गया।
Ujjain Bribery Case : उज्जैन जिले में लोकायुक्त ने रिश्वतखोरी के मामले में कार्रवाई करते हुए माकड़ोन अनाज मंडी के उप निरीक्षक रोशन आर्य और आउटसोर्स कर्मचारी संतोष भाटी को 4,000 रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा है। 16 अक्टूबर 2026 को मंडी परिसर में हुई कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त टीम ने रिश्वत की राशि भी बरामद की। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
लोकायुक्त के मुताबिक, शिकायतकर्ता योगेश राठौर निवासी ग्राम रूपाखेड़ी, उज्जैन, माकड़ोन मंडी में सोयाबीन की खरीदारी करते हैं। उन्होंने 14 अक्टूबर को लोकायुक्त उज्जैन के पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार दीक्षित से शिकायत की थी। आरोप है कि मंडी के उप निरीक्षक रोशन आर्य सोयाबीन की प्रत्येक बोरी के हिसाब से 10 रुपए की मांग कर रहे थे।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि रिश्वत की रकम नहीं देने पर सोयाबीन से भरी गाड़ी को मंडी से बाहर नहीं जाने देने की बात कही जाती थी। व्यापारी का कहना था कि वह मंडी का निर्धारित टैक्स भी जमा करते हैं। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त अधिकारियों ने मामले का सत्यापन कराया।
शिकायत के सत्यापन की जिम्मेदारी डीएसपी राजेश पाठक को सौंपी गई थी। सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने के बाद लोकायुक्त ने दोनों आरोपियों को पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना बनाई। 16 अक्टूबर को डीएसपी राजेश पाठक और डीएसपी दीपक सेजवार के नेतृत्व में करीब 10 सदस्यीय टीम माकड़ोन अनाज मंडी पहुंची।
लोकायुक्त की कार्रवाई के दौरान शिकायतकर्ता योगेश राठौर ने उप निरीक्षक रोशन आर्य को 4,000 रुपए दिए। आरोप है कि रोशन आर्य ने यह रकम अपने साथी आउटसोर्स कर्मचारी संतोष भाटी को सौंप दी। इसके तुरंत बाद टीम ने दोनों को पकड़ लिया और मौके से रिश्वत की रकम बरामद की। रोशन आर्य ग्वालियर और संतोष भाटी माकड़ोन के निवासी बताए गए हैं।
उज्जैन लोकायुक्त ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। ट्रैप दल में डीएसपी राजेश पाठक, डीएसपी दीपक सेजवार, प्रधान आरक्षक हितेश ललावत और आरक्षक शिवकुमार शर्मा, श्याम शर्मा, इसरार खान व उमेश जाटव सहित अन्य सदस्य शामिल थे। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।