Ujjain Khade Hanuman Temple : उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच सड़क चौड़ीकरण को लेकर खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा का मामला सामने आया है। सती गेट से गोपाल मंदिर तक सड़क को चौड़ा करने का काम चल रहा है। इसी की जद में आने वाले धार्मिक स्थलों को लेकर प्रशासन कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा को दूसरी जगह स्थापित करने की प्रक्रिया प्रस्तावित है।
खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा को दूसरी जगह स्थापित करने के लिए प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। हालांकि अब तक प्रतिमा को हटाने की कोशिश सफल नहीं हो पाई है। बताया जा रहा है कि पिछले 8 दिनों से प्रतिमा को हटाने के लिए अलग-अलग प्रयास किए जा रहे हैं। मंदिर से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की वर्षों पुरानी आस्था जुड़ी है।
प्रतिमा हटाने की कोशिश के दौरान मंदिर परिसर में भावुक माहौल बन गया। एक बुजुर्ग महिला ‘बाबा को मत हटाओ’ कहते हुए रो पड़ीं। महिला को भावुक देखकर वहां मौजूद अन्य श्रद्धालु भी भावुक हो गए। कई लोगों की आंखों में आंसू आ गए। श्रद्धालुओं का कहना है कि उनके लिए यह सिर्फ मंदिर या प्रतिमा नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास का केंद्र है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक खड़े हनुमान मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। लोगों की मान्यता है कि संकट या बीमारी के समय बाबा के दरबार में प्रार्थना करने से राहत मिलती है। यही वजह है कि प्रतिमा को दूसरी जगह स्थापित किए जाने की खबर से लोगों में भावनात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
नगर निगम के अपर आयुक्त संतोष टेगोर के मुताबिक सड़क चौड़ीकरण का काम नियोजित तरीके से किया जा रहा है। खड़े हनुमानजी की प्रतिमा को लेकर भी धार्मिक पक्ष को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद पुजारी और धार्मिक संगठनों से चर्चा की जाएगी। इसके बाद ही प्रतिमा के विस्थापन की प्रक्रिया पूरी होगी।
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को देखते हुए सड़क, यातायात और दूसरी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए बड़े स्तर पर काम चल रहे हैं। सती गेट से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण भी इसी तैयारी का हिस्सा है। सड़क की जद में आने वाले निर्माणों को लेकर प्रशासन कार्रवाई कर रहा है।
खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा का मामला अब विकास और धार्मिक आस्था के बीच संतुलन की चुनौती बन गया है। प्रशासन सिंहस्थ की तैयारियों और यातायात व्यवस्था के लिए सड़क चौड़ीकरण को जरूरी मान रहा है, जबकि स्थानीय लोग और श्रद्धालु मंदिर से जुड़ी अपनी वर्षों पुरानी आस्था को लेकर चिंतित हैं। अब निगाह प्रशासन की जांच रिपोर्ट और पुजारी व धार्मिक संगठनों के साथ होने वाली चर्चा पर है।