Ujjain Swine Flu News : उज्जैन के ऋषि नगर एक्सटेंशन निवासी 60 वर्षीय महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक महिला की तबीयत करीब 22 दिन पहले बिगड़ी थी, जिसके बाद उन्हें इंदौर रोड स्थित अवंती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान 31 जुलाई को आई लैब रिपोर्ट में महिला के इन्फ्लुएंजा ए और H1N1 पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई थी। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उनका लगातार इलाज चल रहा था, लेकिन गुरुवार को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
मृतका की पहचान सरोज पति नरेंद्र नगर, उम्र 60 वर्ष, निवासी ऋषि नगर एक्सटेंशन के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अवंती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा था। 31 जुलाई को हुई जांच में इन्फ्लुएंजा ए और इन्फ्लुएंजा ए H1N1 पॉजिटिव पाया गया था। इसके बाद भी महिला की हालत में सुधार नहीं हुआ और गुरुवार को उनकी मौत हो गई।
महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की टीम सक्रिय हुई थी। वार्ड क्रमांक 49 में महिला के घर के आसपास रहने वाले लोगों का सर्वे कराया गया। स्वास्थ्यकर्मियों ने लोगों से उनकी तबीयत और संभावित लक्षणों को लेकर जानकारी ली। संक्रमण की आशंका को देखते हुए लोगों को बचाव और सावधानी के बारे में भी जानकारी दी गई।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राहत की बात यह रही कि सर्वे के दौरान महिला के आसपास रहने वाले किसी भी व्यक्ति में स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण नहीं मिले। टीम ने लोगों को सतर्क रहने और किसी भी तरह के लक्षण दिखाई देने पर स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी। हालांकि, महिला की मौत के बाद क्षेत्र में H1N1 संक्रमण को लेकर एक बार फिर चिंता का माहौल बन गया है।
महिला के परिजनों के पास H1N1 पॉजिटिव रिपोर्ट होने की बात सामने आई है, लेकिन सीएमएचओ डॉ. अशोक पटेल ने महिला की मौत स्वाइन फ्लू से होने की तत्काल पुष्टि नहीं की है। उनका कहना है कि महिला का इलाज इंदौर के अस्पताल में चल रहा था और मौत के कारण की पुष्टि संबंधित अस्पताल से कराई जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत सीधे तौर पर H1N1 संक्रमण के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य चिकित्सकीय कारण था। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग मामले की जानकारी जुटा रहा है। विभाग की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह और संक्रमण से जुड़े जोखिम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।