उज्जैन में रिश्तों की मिसाल (सोर्स- सोशल मीडिया) 
उज्जैन

उज्जैन में रिश्तों की मिसाल, ससुर ने विधवा बहू को बनाया बेटी; खुद मंडप में बैठकर किया ऐतिहासिक कन्यादान

Widow Remarriage Ujjain: उज्जैन के जैथल में मिसाल, ससुर दिनेश वैरागी ने विधवा बहू प्रियंका को बेटी मानकर कराया पुनर्विवाह, खुद मंडप में बैठकर किया कड़े सामाजिक सुधार का कन्यादान।

सजल रघुवंशी

Widow Daughter In Law Remarriage In Ujjain: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले से रिश्तों की संवेदनशीलता और इंसानियत की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया है। महाकाल की नगरी के जैथल गांव में एक ससुर ने अपनी विधवा बहू की दूसरी शादी कराकर समाज के सामने नई मिसाल पेश की।

इतना ही नहीं, उन्होंने बहू को बेटी का दर्जा देते हुए पिता की भूमिका निभाई और स्वयं उसका कन्यादान भी किया। इस अनोखे फैसले की चर्चा अब पूरे प्रदेश के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी हो रही है।

बेटे की मौत के बाद बहू को बेटी मान लिया

उज्जैन जिले के जैथल गांव निवासी दिनेश वैरागी के बेटे कपिल वैरागी की शादी कम उम्र में प्रियंका से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद कपिल को कैंसर होने का पता चला और लंबे इलाज के बावजूद वर्ष 2023 में उसकी मृत्यु हो गई। पति की मौत के बाद प्रियंका पूरी तरह अकेली पड़ गई, लेकिन उसने ससुराल का साथ नहीं छोड़ा। इसी दौरान दिनेश वैरागी ने निर्णय लिया कि वह अपनी बहू को बहू नहीं, बल्कि बेटी मानकर उसके जीवन को दोबारा संवारेंगे। उन्होंने प्रण लिया कि प्रियंका की दूसरी शादी कराकर उसे नए जीवन की शुरुआत करने का अवसर देंगे।

खुद खोजा वर, पूरी जिम्मेदारी निभाकर किया कन्यादान

दिनेश वैरागी ने प्रियंका के लिए उपयुक्त वर की तलाश स्वयं शुरू की। कई परिवारों से बातचीत करने के बाद उन्होंने गोविंद को योग्य जीवनसाथी के रूप में चुना। उन्होंने नए परिवार को प्रियंका के अतीत की पूरी जानकारी दी और संतुष्ट होने के बाद ही विवाह की बात आगे बढ़ाई। प्रियंका के पिता रामबाबू ने बताया कि शुरुआत में उनकी बेटी दूसरी शादी के लिए तैयार नहीं थी, लेकिन दिनेश वैरागी ने उसे समझाया और नया जीवन शुरू करने के लिए प्रेरित किया। विवाह का पूरा खर्च भी दिनेश वैरागी ने उठाया और पिता बनकर अपनी बेटी समान बहू का कन्यादान कर उसे विदा किया।

प्रियंका के पिता हुए भावुक, बोले- समधी ने पिता से बढ़कर फर्ज निभाया

प्रियंका के पिता रामबाबू ने मीडिया से बातचीत में भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि उनके समधी उनकी बेटी का कन्यादान करेंगे। उन्होंने कहा कि दिनेश वैरागी ने जो वादा किया था, उसे पूरी ईमानदारी से निभाया। उनकी वजह से प्रियंका का घर फिर से बस सका। उन्होंने कहा कि एक पिता भी अपनी बेटी के लिए शायद इतना न कर पाए, जितना दिनेश वैरागी ने किया है। इस घटना ने समाज को यह संदेश दिया है कि रिश्ते केवल खून से नहीं, बल्कि विश्वास, अपनापन और संवेदनाओं से भी बनते हैं।

सोशल मीडिया पर मिल रही खूब सराहना

इस अनोखी शादी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग दिनेश वैरागी और उनके परिवार की जमकर सराहना कर रहे हैं। कई लोगों ने इसे समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसे लोग रिश्तों की असली परिभाषा सिखाते हैं। वहीं, बड़ी संख्या में लोग प्रियंका और गोविंद को उनके नए जीवन के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि आज भी समाज में इंसानियत, भरोसा और रिश्तों की गरिमा जीवित है।

https://youtu.be/zvWnWtafjK8?si=t7ijAX7D76woa6V9

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