Ujjain Cyber Fraud News : उज्जैन में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। इस बार ठगों ने 80 वर्षीय सेवानिवृत्त ITI प्राचार्य सनत कुमार जैन को निशाना बनाकर उनके बैंक खाते से 10 लाख रुपए निकाल लिए। आरोपी ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर सिटीजन ATM कार्ड बनवाने का झांसा दिया और कार्ड की सुविधाओं के बारे में बताकर उनका भरोसा जीता।
इसके बाद बैंक खाते से जुड़ी जानकारी के साथ ATM PIN और CVC नंबर हासिल कर लिया। कुछ ही देर में खाते से दो, तीन और पांच लाख रुपए की तीन अलग-अलग निकासी हो गई। माधव नगर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
उज्जैन पुलिस के अनुसार, निर्माण नगर, सेठी नगर के पास रहने वाले सनत कुमार जैन ITI कॉलेज के सेवानिवृत्त प्राचार्य हैं। रविवार को उनके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को बैंक अधिकारी बताया और उन्हें सिटीजन ATM कार्ड बनवाने का प्रस्ताव दिया। आरोपी ने कार्ड से मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं की जानकारी देकर उन्हें भरोसे में लिया। उसकी बातों पर विश्वास करते हुए जैन कार्ड बनवाने के लिए तैयार हो गए।
कार्ड बनवाने की प्रक्रिया के नाम पर आरोपी ने सनत कुमार जैन से बैंक खाते से संबंधित जानकारी मांगी। इसी दौरान उसने ATM का PIN और CVC नंबर भी हासिल कर लिया। आरोप है कि ये जानकारियां मिलने के बाद आरोपी ने उनके बैंक खाते से रकम निकाल ली। कुछ समय बाद जब जैन को खाते से पैसे निकलने की जानकारी मिली, तब उन्हें ठगी का पता चला।
उज्जैन में ठगी की वारदात में बैंक खाते से तीन अलग-अलग लेन-देन किए गए। पहले दो लाख रुपए, फिर तीन लाख रुपए और इसके बाद पांच लाख रुपए निकाले गए। इस तरह खाते से कुल 10 लाख रुपए निकल गए। घटना की जानकारी मिलने पर जैन ने अपने पड़ोसी संजय को बताया। पड़ोसी ने साइबर ठगी की आशंका जताते हुए तत्काल शिकायत करने की सलाह दी। इसके बाद राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई गई।
शिकायत के आधार पर माधव नगर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस बैंक खाते से हुए लेन-देन, फोन करने वाले व्यक्ति की पहचान और रकम के ट्रांसफर से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ठगी की रकम किन खातों में पहुंची। पुलिस बैंकिंग रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है।
किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ATM PIN, CVC, OTP या इंटरनेट बैंकिंग का पासवर्ड साझा नहीं करना चाहिए। बैंक अधिकारी होने का दावा करने वाले व्यक्ति की पहचान बैंक की आधिकारिक शाखा या हेल्पलाइन से सत्यापित करें। खाते से संदिग्ध लेन-देन होने पर तुरंत बैंक को सूचना दें और राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।