Ujjain Chintaman Ganesh Temple : उज्जैन से करीब 8 किलोमीटर दूर स्थित प्रसिद्ध चिंतामन गणेश मंदिर में गणेश उत्सव के 12वें दिन भगवान इच्छामन, चिंतामन और सिद्धि विनायक गणेश जी का विशेष शृंगार किया गया। भगवान को सिंदूर अर्पित कर हरे रंग की पगड़ी धारण कराई गई। इसके साथ ही रत्न जड़ित आभूषणों से भगवान का आकर्षक शृंगार किया गया। विशेष स्वरूप में दर्शन के लिए सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
गणेश उत्सव के चलते मंदिर में इन दिनों विशेष धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। प्रतिदिन सुबह करीब 4 बजे भगवान का पंचामृत अभिषेक किया जाता है। इसके बाद भगवान को नए वस्त्र धारण कराकर अलग-अलग स्वरूपों में शृंगार किया जाता है। बुधवार को भगवान गणेश का प्रिय दिन माना जाता है, इसलिए मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ जाती है।
गणेश उत्सव के 12वें दिन शाम को इच्छामन, चिंतामन और सिद्धि विनायक गणेश जी को पुजारी परिवार की ओर से छप्पन भोग अर्पित किया गया। इसके बाद महाआरती हुई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। आरती के दौरान मंदिर परिसर गणपति के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
मंदिर के पुजारी महेंद्र शर्मा के अनुसार मंदिर में विराजित इच्छामन चिंतामन और सिद्धि विनायक गणेश जी की प्रतिमाएं स्वयंभू मानी जाती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार चिंतामन गणेश चिंता दूर करते हैं, इच्छामन गणेश मनोकामनाएं पूरी करते हैं और सिद्धि विनायक सभी कार्यों में सिद्धि प्रदान करते हैं।
चिंतामन गणेश मंदिर से भगवान श्रीराम, माता सीता और भगवान लक्ष्मण से जुड़ी धार्मिक मान्यता भी है। मान्यता के अनुसार वनवास के दौरान तीनों यहां पहुंचे थे। इस दौरान माता सीता को प्यास लगी। भगवान श्रीराम के कहने पर लक्ष्मण जी ने बाण चलाकर जलधारा निकाली, जिससे माता सीता ने अपनी प्यास बुझाई। इसके बाद तीनों ने यहां पूजन-अर्चन किया।
गणेश उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मनोकामना लेकर चिंतामन गणेश मंदिर पहुंच रहे हैं। एक महिला श्रद्धालु ने बताया कि उनकी कई मनोकामनाएं भगवान चिंतामन गणेश के आशीर्वाद से पूरी हुई हैं। गणेश चतुर्थी के दौरान वह प्रतिदिन मंदिर आकर दर्शन करती हैं और भगवान को लड्डुओं का भोग लगाकर प्रसाद वितरित करती हैं।
गणेश उत्सव के चलते चिंतामन गणेश मंदिर में सुबह से रात तक श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है। विशेष शृंगार, धार्मिक आयोजन, छप्पन भोग और महाआरती के चलते मंदिर में लगातार भक्ति का माहौल बना हुआ है। भगवान के विशेष स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिर पहुंच रहे हैं।