Highlights :
उज्जैन के भैरवगढ़ जेल में नवरात्री की धूम।
647 बंदियों ने रखा 9 दिन का व्रत।
पुरुष कैदी महिला वेशभूषा में करते हैं गरबा।
व्रत रखने वालों के लिए फलाहार की व्यवस्था।
Central Bhairavgarh Jail Navratri Utsav : उज्जैन के भैरवगढ़ केंद्रीय जेल में नवरात्रि के समय भक्तिमय माहौल बना हुआ है। सुबह मां दुर्गा की पूजा-अर्चना होती है और शाम को आरती के बाद गरबा व डांडिया का आयोजन होता है। खास बात यह है कि गरबा किसी फिल्मी म्यूजिक की धुन पर नहीं, बल्कि बंदियों के अपने बैंड और उनके द्रारा गाए गीतों पर होता है।
जेल की चारदीवारी के अंदर बंदी भक्ति और पारंपरिक उत्साह के साथ नवरात्रि मनाते हैं। जेल अधीक्षक मनोज कुमार साहू के अनुसार, नवरात्रि के दौरान कुल 647 बंदियों ने 9 दिन का व्रत रखा है। इनमें 603 पुरुष और 44 महिला बंदी शामिल हैं। जेल परिसर के खंड-अ और खंड-ब में मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। यहां सुबह 6 बजे से पूजा-पाठ शुरू हो जाती है। बंदी निर्धारित समय पर परिसर स्थित पद्मावती माता मंदिर में दर्शन के लिए भी पहुंचते हैं।
उज्जैन शहर की भैरवगढ़ जेल के नवरात्रि उत्सव में पुरुष बंदियों का महिला वेशभूषा में गरबा करना आकर्षण का केंद्र है। धार्मिक परंपराओं से प्रेरित होकर कुछ पुरुष बंदी महिलाओं की पोशाक पहनकर डांडिया करते हैं। शाम करीब 6:30 बजे आरती के बाद गरबा शुरू होता है, जो लगभग एक घंटे तक चलता है। इसमें करीब 25 बंदी हिस्सा लेते हैं। इस आयोजन की खासियत यह भी है कि बंदी खुद गरबा गीत गाते हैं और अपने बैंड की धुन तैयार करते हैं। इन्हीं धुनों पर अन्य बंदी डांडिया करते हैं। इस तरह जेल परिसर में सामूहिक भक्ति और पारंपरिक उत्सव का माहौल बनता है।
नवरात्रि में उपवास करने वाले बंदियों के लिए जेल प्रशासन ने विशेष खानपान की व्यवस्था की है। उन्हें साबूदाने की खिचड़ी, मूंगफली के दाने, चिप्स और अन्य फलाहार दिया जा रहा है। सुबह चाय के साथ करीब 200 ग्राम दूध और दो केले भी उपलब्ध कराए जाते हैं। इस व्यवस्था के जरिए बंदियों की धार्मिक आस्था के साथ उनके खानपान का ध्यान रखने का प्रयास किया जा रहा है।
जेल प्रशासन के मुताबिक, वर्तमान में भैरवगढ़ जेल में कुल 2043 बंदी हैं। इनमें 1951 पुरुष और 92 महिला बंदी शामिल हैं। इसके अलावा तीन बच्चे भी जेल परिसर में हैं। नवरात्रि त्योहार के दौरान पूजा-पाठ, आरती, व्रत और गरबा आयोजन के जरिए बंदियों को अपनी धार्मिक आस्था के अनुरूप पर्व मनाने का अवसर मिल रहा है। भैरवगढ़ जेल में नवरात्रि का यह आयोजन दिखाता है कि जेल की चारदीवारी के भीतर भी धार्मिक परंपराएं और सामूहिक उत्सव जारी रहते हैं। मां दुर्गा की आराधना के साथ गरबा और डांडिया बंदियों के बीच उत्साह का माहौल बना रहे हैं।