Ganesh Festival Ujjain Badnagar: उज्जैन जिले के बड़नगर में मेवाड़ा माली समाज द्वारा पिछले करीब 40 वर्षों से गणेश चतुर्थी का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया जा रहा है। हर वर्ष समाज की ओर से भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस वर्ष गणेश उत्सव को खास बनाने के लिए गणपति प्रतिमा का अनोखा शृंगार किया गया है। भगवान गणेश को 21 लाख 21 हजार 121 रुपए के नोटों से सजाया गया है। नोटों से किए गए इस विशेष शृंगार ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया है।
मेवाड़ा माली समाज के कार्यकर्ता रवि हिंडोलिया ने बताया कि गणपति के विशेष शृंगार में 500, 200, 100 और 50 रुपए के नोटों का इस्तेमाल किया गया है। शृंगार में लगाए गए नोट फ्रेश बताए गए हैं। समाज के कार्यकर्ताओं ने इन नोटों को एकत्रित किया और इसके बाद उन्हें गणेश प्रतिमा के आसपास व्यवस्थित तरीके से सजाया गया। नोटों से सजे गणपति का स्वरूप पंडाल में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बना हुआ है।
इस विशेष शृंगार को तैयार करने के लिए मेवाड़ा माली समाज के करीब चार से पांच कार्यकर्ता लगातार जुटे रहे। कार्यकर्ताओं ने करीब दो से चार दिनों तक मेहनत कर नोटों को व्यवस्थित तरीके से लगाने का काम किया। शृंगार के दौरान सुरक्षा और निगरानी को ध्यान में रखते हुए गणेश पंडाल में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। समाज के पदाधिकारी और कार्यकर्ता पूरे आयोजन की व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं।
समाज के अनुसार, नोटों से किया गया यह विशेष शृंगार मुख्य रूप से दशमी और ग्यारस के अवसर के लिए तैयार किया गया है। गणपति बप्पा के इस विशेष स्वरूप को देखने के लिए श्रद्धालु पंडाल पहुंच रहे हैं। धार्मिक आस्था के साथ-साथ नोटों से की गई सजावट आयोजन का खास आकर्षण बनी हुई है। समाज के कार्यकर्ताओं का कहना है कि हर वर्ष गणेश उत्सव में कुछ विशेष करने का प्रयास किया जाता है।
रवि हिंडोलिया ने बताया कि मेवाड़ा माली समाज पिछले करीब 40 वर्षों से गणेश चतुर्थी का आयोजन करता आ रहा है। समाज की धार्मिक गतिविधियां केवल गणेश उत्सव तक सीमित नहीं हैं। नवरात्रि सहित अन्य धार्मिक आयोजनों में भी समाज के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। इस बार भी समाज के अध्यक्ष, पदाधिकारी और कार्यकर्ता मिलकर आयोजन को सफल बनाने में जुटे हैं। उज्जैन शहर के बड़नगर में नोटों से सजे गणपति का यह अनोखा शृंगार फिलहाल श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।