वाल्मीकि जयंती पर उज्जैन के वाल्मीकि धाम आश्रम पहुंचे सीएम मोहन यादव
सिंहस्थ महाकुंभ के बाद भी मिलता रहेगा श्रद्धालुओं को सुविधाओं का लाभ
मां बगलामुखी धाम के लिए 85 करोड़ रुपये के कार्यों का भूमिपूजन किया गया
Ujjain And Baglamukhi Development Projects MP: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वाल्मीकि जयंती के पावन अवसर पर उज्जैन स्थित वाल्मीकि धाम आश्रम पहुंचकर समाधि स्थल पर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। इस दौरान उन्होंने संत उमेश नाथ जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। धार्मिक आयोजन के साथ मुख्यमंत्री ने उज्जैन के विकास को गति देने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये के निर्माण कार्यों की सौगात भी दी। इन परियोजनाओं को शहर के बुनियादी ढांचे, धार्मिक पर्यटन और आगामी सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन विकास प्राधिकरण के माध्यम से 539.19 करोड़ रुपये की लागत के विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहर की आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ धार्मिक स्थलों तक पहुंच को सुगम बनाना और उज्जैन की धार्मिक पहचान को और मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ऐसे विकास कार्यों पर ध्यान दे रही है, जिनका लाभ केवल सिंहस्थ महाकुंभ के दौरान ही नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में भी आम नागरिकों और श्रद्धालुओं को मिलता रहेगा।
स्वीकृत विकास कार्यों में 22 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला महामृत्युंजय द्वार प्रमुख परियोजनाओं में शामिल है। इसके अलावा शहर में सड़कों के चौड़ीकरण, भव्य प्रवेश द्वारों के निर्माण और विभिन्न मंदिरों के सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्य भी प्रस्तावित हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से धार्मिक आयोजनों के दौरान यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने, श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम करने और शहर के प्रमुख मार्गों को व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही उज्जैन आने वाले पर्यटकों और दर्शनार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने उज्जैन शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए भगवान मंगलनाथ, काल भैरव और अंगारेश्वर सहित प्रमुख देवस्थानों के विकास एवं कायाकल्प से जुड़े कार्यों की जानकारी दी। इन मंदिरों का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर परिसरों और आसपास की सुविधाओं के विकास से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावना है। सरकार का लक्ष्य उज्जैन की प्राचीन परंपराओं को संरक्षित करते हुए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार करना है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी धाम के विकास के लिए भी प्रथम चरण में 85 करोड़ रुपये के कार्यों का भूमिपूजन किया गया। इस परियोजना से प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पर सुविधाओं के विस्तार और श्रद्धालुओं की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने उज्जैन की पौराणिक परंपराओं और सनातन संस्कृति को नमन करते हुए प्रदेशवासियों को विकास कार्यों की सौगात के लिए बधाई दी। आगामी सिंहस्थ महाकुंभ को देखते हुए इन परियोजनाओं को धार्मिक पर्यटन और शहर के दीर्घकालिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।