CEIL करेगा सिंहस्थ से जुड़े प्रोजेक्ट्स का क्वालिटी ऑडिट 
उज्जैन

सिंहस्थ 2028: 18,400 करोड़ के प्रोजेक्ट्स की होगी थर्ड पार्टी निगरानी, CEIL के जिम्मे क्वालिटी ऑडिट

CEIL Quality Audit : उज्जैन सिंहस्थ 2028 के 18,400 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स की थर्ड पार्टी निगरानी होगी। CEIL को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच और क्वालिटी ऑडिट की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

प्रीतेश जैन

Simhastha 2028 Projects: उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। करोड़ों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाए जा रहे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समय पर पूर्णता सुनिश्चित करने के लिए सिंहस्थ मेला प्राधिकरण ने सर्टिफिकेशन इंजीनियर्स इंटरनेशनल लिमिटेड (CEIL) को थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट (TPQA) एजेंसी नियुक्त किया है।

CEIL भारत सरकार का उपक्रम है और इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। एजेंसी अब सिंहस्थ 2028 से जुड़े बड़े निर्माण कार्यों की स्वतंत्र रूप से गुणवत्ता जांच करेगी।

18,400 करोड़ के प्रोजेक्ट्स पर रहेगी नजर

सिंहस्थ 2028 के लिए करीब 18,400 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं तैयार की जा रही हैं। इनमें सड़क, पुल, घाट, जलापूर्ति व्यवस्था, सीवरेज सिस्टम, विद्युत सुविधाएं, सार्वजनिक सुविधाएं, आवासीय व्यवस्थाएं और अस्थायी इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। इन सभी परियोजनाओं की गुणवत्ता जांच अब CEIL द्वारा की जाएगी, जिससे निर्माण कार्यों में तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

निर्माण सामग्री से लेकर डिजाइन तक की होगी जांच

संभागायुक्त और सिंहस्थ 2028 मेला अधिकारी आशीष सिंह ने बताया कि सिंहस्थ दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल है। ऐसे आयोजन के लिए समय सीमा में उच्च गुणवत्ता वाला इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना बड़ी चुनौती है। इसी को देखते हुए स्वतंत्र एजेंसी के माध्यम से थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट कराया जा रहा है। CEIL निर्माण कार्यों के दौरान उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों का पालन, स्वीकृत डिजाइन और स्पेसिफिकेशन के अनुसार काम, निर्माण की गति और संभावित कमियों की जांच करेगी। ऑडिट के बाद एजेंसी अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।

जोखिम आधारित निगरानी से समय पर पूरे होंगे काम

सिंहस्थ परियोजनाओं की निगरानी जोखिम आधारित कार्यप्रणाली के तहत की जाएगी। इसके माध्यम से निर्माण कार्यों की लगातार गुणवत्ता जांच और अनुपालन की समीक्षा होगी, ताकि परियोजनाएं तय समय सीमा में निर्धारित मानकों के अनुसार पूरी की जा सकें।

CEIL को बड़े प्रोजेक्ट्स के ऑडिट का अनुभव

संभागायुक्त आशीष सिंह ने बताया कि CEIL को देशभर के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के तकनीकी निरीक्षण और गुणवत्ता ऑडिट का अनुभव है। संस्था इससे पहले उज्जैन में श्री महाकाल लोक परियोजना का भी थर्ड पार्टी ऑडिट कर चुकी है। इसी तकनीकी विशेषज्ञता और अनुभव को देखते हुए सिंहस्थ 2028 के लिए CEIL को जिम्मेदारी दी गई है।

विभागों को दस्तावेज अपडेट रखने के निर्देश

सिंहस्थ 2028 से जुड़े सभी निर्माण कार्यों की निगरानी को लेकर विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए गए हैं कि वे परियोजनाओं की प्रगति से संबंधित सभी दस्तावेज और फाइलें अपडेट रखें। इससे ऑडिट के दौरान आवश्यक जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी और निर्माण कार्यों का प्रभावी मूल्यांकन किया जा सकेगा।

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