मुकेश टटवाल (फोटो सोर्स- नवभारत) 
उज्जैन

महाकाल सवारी में VIP घेरे पर मेयर के तीखे सवाल, CM-कलेक्टर को लिखा पत्र, पूछा- आम श्रद्धालु कैसे करेंगे दर्शन?

Mayor Mukesh Tatwal: उज्जैन मेयर मुकेश टटवाल ने महाकाल सवारी में VIP और पुजारियों की भीड़ पर सवाल उठाते हुए CM और कलेक्टर को पत्र लिखा। आम श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन के लिए व्यवस्था बदलने की मांग की।

प्रीतेश जैन

Ujjain Mahakal Sawari VIP Arrangement: सावन-भादौ में निकलने वाली विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकालेश्वर की शाही सवारी को लेकर उज्जैन के महापौर मुकेश टटवाल ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री, जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और महाकाल मंदिर प्रबंध समिति को पत्र लिखकर सवारी के दौरान आम श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराने की मांग की है। महापौर ने इसके साथ एक स्केच भी भेजा है, जिसमें पालकी के आसपास की व्यवस्था में बदलाव के सुझाव दिए गए हैं।

महापौर मुकेश टटवाल का कहना है कि महाकाल की सवारी में बाबा की पालकी के चारों ओर पंडे, पुजारी, कहार, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की इतनी भीड़ रहती है कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को बाबा महाकाल के दर्शन तक नहीं हो पाते। उनका कहना है कि यह व्यवस्था आम भक्तों के साथ न्याय नहीं करती।

मेयर ने दिए कई सुझाव

पत्र में उन्होंने सुझाव दिया है कि सुरक्षा के लिए पुलिस का घेरा पहले से अधिक बड़ा और व्यवस्थित बनाया जाए, ताकि पालकी के आसपास अनावश्यक भीड़ जमा न हो। उन्होंने कहा कि पालकी को कंधा देने वाले कहारों की संख्या सीमित रखी जाए और अपनी जिम्मेदारी पूरी करने के बाद वे सुरक्षा घेरे से बाहर आ जाएं। इसी तरह पालकी के समीप केवल आवश्यक संख्या में पुजारियों को ही रहने की अनुमति हो, ताकि पूजा-अर्चना सुचारु रूप से हो सके और श्रद्धालुओं को भी दर्शन का अवसर मिले।

जनप्रतिनिधियों के आगे चलने की व्यवस्थी बनाई जाए

महापौर ने यह भी सुझाव दिया कि सभी जनप्रतिनिधियों, वीआईपी और गणमान्य नागरिकों के लिए सवारी के आगे चलने की अलग व्यवस्था बनाई जाए। इससे पालकी के आसपास अनावश्यक भीड़ नहीं होगी और आम श्रद्धालुओं को बाबा महाकाल के दर्शन आसानी से हो सकेंगे।

ये लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय

मुकेश टटवाल ने स्पष्ट किया कि यह किसी व्यक्ति विशेष या परंपरा के खिलाफ नहीं, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा और आस्था से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की सबसे बड़ी इच्छा बाबा महाकाल के दर्शन करना होती है, इसलिए व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिससे हर भक्त को दर्शन का अवसर मिल सके।

सीएम, कलेक्टर और एसपी को भेजा पत्र

महापौर ने यह पत्र मुख्यमंत्री मोहन यादव, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, महाकाल मंदिर प्रशासक, सांसद और स्थानीय विधायक सहित संबंधित अधिकारियों को भेजा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन इन सुझावों पर क्या निर्णय लेता है और आगामी महाकाल सवारी में व्यवस्था में कोई बदलाव देखने को मिलता है या नहीं।

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