Mahakal Mandir Shravan : उज्जैन में श्रावण माह के दौरान बाबा महाकाल की भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचे। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंधन के अनुसार, पूरे श्रावण माह में मंदिर में 1 करोड़ 57 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
इनमें 1,13,25,210 श्रद्धालुओं ने श्री महाकालेश्वर भगवान के दर्शन किए, जबकि विभिन्न सवारियों और श्री नागचंद्रेश्वर भगवान के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या करीब 43,75,000 रही। इस तरह श्रावण माह में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की कुल संख्या 1,57,00,210 दर्ज की गई।
श्रावण माह में श्रद्धालुओं की सेवा के लिए मंदिर प्रबंधन की ओर से व्यापक व्यवस्थाएं की गईं। श्री महाकालेश्वर मंदिर के अन्नक्षेत्र में 3,47,912 श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसादी ग्रहण की। यहां श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सात्विक भोजन उपलब्ध कराया गया। वहीं बाबा महाकाल को जल अर्पित करने के लिए उज्जैन पहुंचे 5 लाख से अधिक कावड़ यात्रियों की भी सेवा की गई। कावड़ यात्रियों की सुविधा के लिए पांच स्थानों पर व्यवस्था कर करीब 2.80 लाख कावड़ यात्रियों को भोजन प्रसादी उपलब्ध कराई गई।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए श्रावण माह में शीघ्र दर्शन व्यवस्था भी संचालित की गई। इस दौरान 5,76,370 शीघ्र दर्शन टिकट जारी किए गए, जिससे मंदिर को ₹14,47,42,500, यानी करीब 14.47 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई। इसके अलावा बाबा महाकाल की प्रसादी के रूप में 2,215.939 क्विंटल लड्डू प्रसादी की बिक्री हुई। इससे मंदिर को ₹10,49,27,250, यानी करीब 10.49 करोड़ रुपये की आय हुई। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने दर्शन और प्रसादी वितरण की व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से संचालित किया।
श्रावण माह में धार्मिक आयोजनों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहे। इस दौरान भगवान शिव के ‘शिव अर्धांग’ भाव को केंद्र में रखकर भक्ति, संगीत और कला से जुड़ी प्रस्तुतियां आयोजित की गईं। श्रावण महोत्सव में 17 प्रस्तुतियां हुईं, जिनमें करीब 100 कलाकारों ने सहभागिता की। वहीं संस्कृति संध्या के दौरान 35 प्रस्तुतियों में 250 से अधिक कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। इस तरह कुल 52 सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में करीब 350 कलाकारों ने बाबा महाकाल की भक्ति को संगीत और कला के माध्यम से अभिव्यक्त किया।
श्रावण माह के दौरान मंदिर प्रबंधन की ओर से श्रद्धालु सेवा को भी प्राथमिकता दी गई। तेज गर्मी और बड़ी संख्या में पैदल आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को निःशुल्क चरण पादुका वितरित की गईं। श्रावण माह में महाकाल मंदिर में दर्शन, सेवा, प्रसादी, कावड़ यात्रियों की सुविधा और सांस्कृतिक आयोजनों का व्यापक स्वरूप देखने को मिला। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के बीच मंदिर प्रबंधन द्वारा की गई व्यवस्थाओं ने उज्जैन को श्रावण माह में धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्र के रूप में और मजबूत किया।