Ujjain Khade Hanuman Mandir : उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर को लेकर चल रहे विवाद के बीच शुक्रवार को विधायक चिंतामणि मालवीय मंदिर पहुंचे। उन्होंने बाबा हनुमान के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और उज्जैन व मध्यप्रदेश की समृद्धि और विकास की कामना की। मालवीय ने कहा कि वे बाबा के नियमित दर्शन करते हैं और इसी क्रम में शुक्रवार को भी मंदिर पहुंचे थे।
विधायक ने कहा कि खड़े हनुमान मंदिर उज्जैन की धार्मिक पहचान से जुड़ा हुआ है। शहर की प्राचीन परंपराओं और मंदिरों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के साथ लोगों की आस्था और ऐतिहासिक धरोहरों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक मंदिर हटाने का फैसला जनभावनाओं के अनुरूप नहीं होगा।
चिंतामणि मालवीय ने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार जनभावना बाबा हनुमान को यथास्थान बनाए रखने की है। उन्होंने तर्क दिया कि संबंधित सड़क का पर्याप्त चौड़ीकरण पहले ही हो चुका है। पिछले सोमवार को बाबा महाकाल की सवारी भी इसी मार्ग से निकली थी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए थे। उनके मुताबिक उस दौरान किसी बड़ी परेशानी की स्थिति सामने नहीं आई।
विधायक ने कहा कि संभव है कि पूरे मामले की विस्तृत जानकारी अभी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक नहीं पहुंची हो। उन्होंने उम्मीद जताई कि जब मुख्यमंत्री को जनभावना और मंदिर से जुड़े पूरे मामले की जानकारी मिलेगी, तो वे भी लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेंगे।
शाही मस्जिद को लेकर सवाल पूछे जाने पर चिंतामणि मालवीय ने कहा कि यदि हाईकोर्ट ने इस मामले में कोई फैसला दिया है तो उसका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिर और मस्जिद से जुड़े मामलों को एक ही नजरिए से देखना उचित नहीं है। मालवीय ने देश के विभाजन और धार्मिक स्थलों के इतिहास का भी जिक्र किया।
मालवीय ने कहा कि शाही मस्जिद के मामले में मुस्लिम पक्ष को भी हाईकोर्ट के निर्णय का सम्मान करते हुए विकास कार्य में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि विवादित स्थल पर पहले टकसाल थी और बाद में वहां नमाज के लिए स्थान दिया गया था। उनके मुताबिक मौजूदा विवाद पूरी मस्जिद को हटाने का नहीं, बल्कि करीब 15 फीट हिस्से से जुड़ा है।