Highlights:
दिग्विजय सिंह ने उज्जैन के शास्त्री नगर में सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के रथ का पूजन किया।
सनातन धर्म और सावरकर द्वारा परिभाषित हिंदुत्व को अलग बताते हुए जागरूकता की बात कही।
राम मंदिर ट्रस्ट पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाकर एफआईआर की मांग की।
यात्रा में वोट चोरी, नोट चोरी और नागरिक अधिकारों के मुद्दे उठाने की बात कही।
वायरल वीडियो को लेकर दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर लोगों को बदनाम करने का आरोप लगाया।
Digvijaya Singh Satya Sanatan Swabhiman Yatra : मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने उज्जैन के शास्त्री नगर में ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ के लिए तैयार किए जा रहे रथ का विधिवत पूजन-अर्चन किया।
इस दौरान उन्होंने कन्या से रथ का पूजन करवाया और आशीर्वाद लिया। भगवान महाकाल के चरणों में नमन कर शुरू होने वाली इस यात्रा को लेकर दिग्विजय सिंह ने मीडिया से चर्चा की। उन्होंने यात्रा के उद्देश्यों के साथ सनातन धर्म, हिंदुत्व, राम मंदिर और नागरिक अधिकारों जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी।
मीडिया से बातचीत के दौरान दिग्विजय सिंह ने सनातन धर्म और हिंदुत्व के बीच अंतर का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सावरकर द्वारा परिभाषित हिंदुत्व और मूल सनातन धर्म को एक मानना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, इन दोनों अवधारणाओं को लेकर आम जनता के बीच जागरूकता लाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के जरिए इन विषयों पर लोगों तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उनके इस बयान के बाद यात्रा के धार्मिक और वैचारिक उद्देश्यों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेता ने मंदिर ट्रस्ट और ट्रस्टियों पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए। उन्होंने कथित अनियमितताओं के मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और एफआईआर दर्ज करने की मांग की। दिग्विजय सिंह ने कहा कि राम मंदिर निर्माण और रामशिला पूजन में उनका भी योगदान रहा है। भाजपा की ओर से लगाए जाने वाले आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने अपनी धार्मिक आस्था और मंदिर निर्माण से जुड़े योगदान का उल्लेख किया। उनके आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना बाकी है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के माध्यम से आम नागरिकों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच उठाया जाएगा। उन्होंने वोट चोरी और नोट चोरी जैसे विषयों का उल्लेख करते हुए लोगों तक अपनी बात पहुंचाने की बात कही। उनके मुताबिक, भगवान महाकाल के चरणों में नमन कर यात्रा की शुरुआत की जाएगी। उन्होंने धर्म और आस्था के प्रति अपनी निष्ठा का उल्लेख करते हुए कहा कि वे अपनी धार्मिक आस्था से समझौता नहीं कर सकते। यात्रा में धार्मिक विचारों के साथ सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर भी संवाद किया जाएगा।
इंदौर में दुपट्टा उड़ने के दौरान सामने आए वायरल वीडियो को लेकर सवाल पूछे जाने पर दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोगों को बदनाम करने का काम करती है। अपनी धार्मिक आस्था का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि महाकाल मंदिर और भगवान शिव के प्रति उनकी श्रद्धा है और वे शिवजी के चरणों में बैठकर यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके बयानों को समझने के लिए पूरे संदर्भ को देखना जरूरी है। अब यात्रा के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों और उन पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाओं पर नजर रहेगी।