CM Mohan Yadav Ujjain Visit : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को उज्जैन प्रवास के दौरान श्री जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक तपागच्छ श्री संघ एवं उपाश्रय ट्रस्ट के नवीन उपाश्रय भवन के भूमिपूजन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। माधवनगर क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने भगवान श्री शीतलनाथ स्वामी के दर्शन और विधिवत पूजन-अर्चन किया। इसके बाद उन्होंने नवीन उपाश्रय भवन के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे हाथ में न तो जन्म लेना है और न ही शरीर छोड़ना। जिन्होंने अपने जीवन में त्याग का मार्ग प्रशस्त किया, वे महावीर हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में हम जो भी कार्य करते हैं, वह ईश्वर की इच्छा से होता है। हमें जो समय मिला है, उसमें सत्कर्म करते हुए संसार में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देना चाहिए। सभी जीवों के प्रति दया और करुणा का भाव रखते हुए प्रेम और सद्भाव के साथ रहना जरूरी है।
नवीन उपाश्रय भवन में 'तीन धाम, एक मुकाम' की अवधारणा के तहत मणिभद्र भगवान के मंदिर का निर्माण प्रस्तावित है। इसके साथ ही ई-लायब्रेरी भवन भी बनाया जाएगा। उपाश्रय भवन में धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक गतिविधियों के लिए समाजजनों को सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री ने भगवान महावीर के त्याग, संयम, अहिंसा और करुणा के संदेश को जीवन में अपनाने की बात कही।
जैन समाज के कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर शहर में चल रहे निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने नीलगंगा से नानाखेड़ा चौराहे तक चल रहे सड़क चौड़ीकरण और अन्य निर्माण कार्यों का औचक जायजा लिया। इस दौरान स्थानीय नागरिकों ने मुख्यमंत्री का फूल बरसाकर स्वागत किया। सड़क चौड़ीकरण के लिए स्वप्रेरणा से अपने मकान और देवस्थान हटाकर सहयोग देने वाले लोगों का मुख्यमंत्री ने आभार जताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ 2028 में करोड़ों श्रद्धालु बाबा महाकाल की नगरी आएंगे। श्रद्धालुओं और आम जनता की सुविधा, सुगम आवागमन और सुरक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि नीलगंगा-नानाखेड़ा मार्ग आगे चलकर एलिवेटेड ब्रिज से जुड़ेगा, जिससे शहरवासियों को यातायात के जाम से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार सिंहस्थ से जुड़े विकास कार्यों को प्रतिबद्धता के साथ गति दे रही है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने निर्माणाधीन आईटी पार्क का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्माण कार्य समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महाकाल लोक बनने के बाद उज्जैन और इंदौर क्षेत्र में आर्थिक और धार्मिक पर्यटन में वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने उज्जैन प्रवास के दौरान बिहार से आए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से भी सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान जनप्रतिनिधि, अधिकारी और जैन समाज के पदाधिकारी मौजूद रहे।