Shajapur Bus Fire: शाजापुर में दर्दनाक हादसे में 4 साल के मासूम बच्चे की जिंदा जलकर मौत हो गई। शुक्रवार रात को इंदौर से गवालियर जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस एसी बस में अचानक भीषण आग लग गई, जिसकी चपेट में मासूम आ गया। ड्राइवर और क्लीनर लोगों की जान बचाने की जगह मौके से फरार हो गए।
जानकारी के मुताबिक सफर के दौरान बस में वायरिंग जलने जैसी बदबू आ रही थी। कई यात्रियों ने इसकी शिकायत ड्राइवर से की, लेकिन उसने इसे नजरअंदाज कर दिया। रात करीब 12 बजे बस नेशनल हाईवे पर स्थित होटल पर रुकी। कुछ यात्री नीचे उतर गए, जबकि कई लोग बस में ही बैठे रहे।
करीब पांच मिनट बाद बस में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। बस में अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान 4 वर्षीय अनय भीड़ और धुएं के बीच फंस गया और बाहर नहीं निकल सका। परिजन उसे बचाने पहुंचे, लेकिन तब तक आग विकराल हो चुकी थी।
हैरानी की बात ये है कि बस में न इमरजेंसी गेट था और न ही कोई अग्निशमन यंत्र मौजूद था। यहां तक कि बस का मुख्य दरवाजा भी नहीं खुल रहा था। स्थानीय लोगों ने खिड़कियां और कांच तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला। हादसे के बाद ड्राइवर और क्लीनर मौके से फरार हो गए। आग बुझाने के बाद भी बच्चे का पता नहीं चला। प्रशासन ने जेसीबी और वेल्डिंग मशीन की मदद से बस को काटकर सर्च ऑपरेशन चलाया। करीब दो घंटे बाद सीट के नीचे से मासूम का कंकाल बरामद हुआ।
बस में आग लगने के इस दर्दनाक हादसे के बीच मासूम के पिता अभिषेक जैन ने इंसानियत की मिसाल भी पेश की। बस के अंदर मिले लाखों रुपए के सोने के जेवर उन्होंने पुलिस को सौंप दिए। साथ ही अपनी जान जोखिम में डालकर कई यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की।
परिजनों ने फायर ब्रिगेड और प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। अभिषेक जैन ने बताया कि पहली फायर ब्रिगेड आधे घंटे बाद पहुंची, लेकिन उसमें पानी ही नहीं था। बाद में मक्सी, तराना और शाजापुर से पहुंचीं पांच दमकल गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।