JBR Company Stops Garbage Disposal Sehore: स्वच्छ शहर बनाने के नगर पालिका के बड़े-बड़े दावों और वादों की पोल एक बार फिर खुल गई है। नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही और उदासीनता के कारण सीहोर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। नगर पालिका द्वारा समय पर बकाया राशि का भुगतान न किए जाने के चलते कचरा निष्पादन (वेस्ट डिस्पोजल) का काम संभाल रही JBR कंपनी ने हाथ खड़े कर दिए हैं। इसके चलते शहर का कचरा प्रबंधन पूरी तरह ठप हो गया है।
जेबीआर कंपनी के प्रतिनिधियों का कहना है कि वे शहर में ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे थे। हालांकि, लंबे समय से बजट न मिलने के कारण अब उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। भुगतान रुकने से कर्मचारियों को वेतन बांटने, गाड़ियों और मशीनों के नियमित रखरखाव तथा डीजल-पेट्रोल के दैनिक खर्च जुटाना असंभव हो गया है। इस स्थिति में कंपनी के पास काम रोकने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा।
कंपनी द्वारा कचरा उठाने और निष्पादित करने का काम बंद करते ही शहर की स्थिति बदतर होने लगी है। विभिन्न वार्डों से एकत्र होने वाला कचरा अब इंदौर-भोपाल हाईवे के किनारे खुले में डंप किया जा रहा है। हाईवे किनारे लगे कचरे के इन विशाल ढेरों से क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है और इंदौर-भोपाल मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों व स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल हो गया है।
कचरे के इन ढेरों के कारण आने वाले दिनों में सीहोर में गंभीर स्वास्थ्य संकट गहराने की आशंका है। तेज हवा के साथ उड़ती गंदगी, प्लास्टिक और धूल पूरे सीहोर शहर में फैल रही है, जिससे संक्रामक बीमारियां और महामारी फैलने का बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
अब अगर नगर पालिका अधिकारियों ने समय रहते अपनी उदासीनता छोड़कर कंपनी का बकाया भुगतान जारी नहीं किया और कचरा निष्पादन कार्य दोबारा शुरू नहीं कराया, तो पूरा सीहोर शहर एक बड़े स्वास्थ्य संकट की चपेट में आ सकता है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है।