Sagar Police Station Case: सागर जिले के रहली थाना परिसर से पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। न्याय की उम्मीद लेकर थाने पहुंची एक महिला ने पुलिस पर उसके पति और नाबालिग बेटे को बिना स्पष्ट कारण के थाने में बैठाने और कथित तौर पर रिश्वत मांगने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला थाने के बाहर ही धरने पर बैठ गई।
महिला का कहना है कि बच्चों के मामूली विवाद के बाद पुलिस उसके पति और नाबालिग बेटे को थाने ले आई, लेकिन अब तक परिवार को यह नहीं बताया गया कि उनके खिलाफ कौन-सा मामला दर्ज किया गया है। महिला कई घंटों तक थाना परिसर के मुख्य गेट पर बैठकर अधिकारियों से जानकारी मांगती रही, लेकिन उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
महिला ने आरोप लगाया कि थाने में मौजूद कुछ कथित दलालों के माध्यम से 50 हजार रुपए की मांग की जा रही है। उसके अनुसार साफ कहा गया कि पैसे देने पर ही पति और बेटे को छोड़ा जाएगा। महिला का यह भी कहना है कि उसका बेटा नाबालिग है, इसके बावजूद उसे अपराधी की तरह थाने में बैठाकर रखा गया है।
मामले ने पुलिस कार्यप्रणाली और मानवाधिकारों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर मध्य प्रदेश सरकार पुलिस की छवि सुधारने और पारदर्शिता बढ़ाने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर थाने के बाहर न्याय की गुहार लगाती महिला की तस्वीरें व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रही हैं।
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हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक पुलिस अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब देखना होगा कि मध्य प्रदेश पुलिस इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराती है या नहीं, और पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं।