पॉलीथिन के सहारे हुआ बुजुर्ग का अंतिम संस्कार (सोर्स- सोशल मीडिया)
सागर

सागर: अंतिम यात्रा भी नहीं आसान! पॉलीथिन के सहारे हुआ अंतिम संस्कार, कीचड़ भरे रास्ते से पहुंची अर्थी

System Reality Check: सिस्टम पर खड़े हुए सवाल, रामनगर में मुक्तिधाम न होने से 2 किमी दूर गोदना ले जानी पड़ी अर्थी, भारी बारिश और कीचड़ के बीच ग्रामीणों ने पॉलीथिन का सहारा लेकर किया अंतिम संस्कार।

सरजू पटेल, सजल रघुवंशी

Muddy Road Makes Funeral Difficult Sagar: विकास और बुनियादी सुविधाओं के दावों के बीच सागर जिले के बीना की गड़ा ग्राम पंचायत के रामनगर से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो ग्रामीण इलाकों में अंतिम संस्कार जैसी मूलभूत जरूरतों की स्थिति पर सवाल खड़े करती है। 60 वर्षीय मूलचंद आदिवासी के निधन के बाद परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए करीब दो किलोमीटर दूर गोदना गांव तक जाना पड़ा।

बारिश ने इस अंतिम यात्रा की मुश्किलें और बढ़ा दीं। दरअसल, रामनगर में अपना मुक्तिधाम नहीं है। ऐसे में किसी ग्रामीण की मौत होने पर परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए गोदना जाना पड़ता है। मूलचंद आदिवासी के निधन के बाद भी परिजन और ग्रामीण अर्थी लेकर गोदना के लिए रवाना हुए।

लगातार बारिश की वजह से आधा किलोमीटर हिस्सा कीचड़ में तब्दील

लगातार बारिश के कारण रास्ते का करीब आधा किलोमीटर हिस्सा कीचड़ में तब्दील हो गया था। जगह-जगह पानी और दलदल जैसी स्थिति होने से अंतिम यात्रा में शामिल लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों को सावधानी से कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ा। मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं। गोदना पहुंचने के बाद मुक्तिधाम में भी बारिश से बचने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं मिली। मुक्तिधाम का टीन शेड क्षतिग्रस्त होने के कारण लोगों को बारिश से बचने के लिए परेशानी उठानी पड़ी।

ग्रामीणों ने पॉलीथिन का सहारा लेकर किया अंतिम संस्कार

ऐसे में ग्रामीणों ने पॉलीथिन का सहारा लिया और किसी तरह अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की। इस दौरान परिवार के साथ मौजूद ग्रामीणों ने स्थानीय व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि रामनगर में मुक्तिधाम नहीं होने के कारण उन्हें हर बार अंतिम संस्कार के लिए करीब दो किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। गर्मी के मौसम में किसी तरह रास्ता पार हो जाता है, लेकिन बारिश में यही रास्ता बेहद मुश्किल हो जाता है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मुक्तिधाम का निर्माण करवाने की उठाई मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि रामनगर में जल्द से जल्द मुक्तिधाम का निर्माण कराया जाए। इसके साथ ही गोदना के मुक्तिधाम तक पहुंचने वाले खराब रास्ते को दुरुस्त कराया जाए और क्षतिग्रस्त टीन शेड की व्यवस्था भी ठीक कराई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि जन्म से लेकर जीवन के अंतिम पड़ाव तक बुनियादी सुविधाएं हर व्यक्ति का अधिकार हैं। ऐसे में किसी की अंतिम यात्रा भी कीचड़ और बारिश के बीच परेशानी का कारण न बने, इसके लिए प्रशासन को जल्द ठोस कदम उठाने चाहिए।

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