Sagar Poisonous Liquor Case Update : सागर जिले के बंडा में जहरीली शराब कांड के बाद पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। सरकारी आंकड़े के मुताबिक अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।
मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किए गए 10 आरोपियों का बंडा नगर में जुलूस निकाला। भारी सुरक्षा के बीच आरोपियों को नगर के प्रमुख मार्गों से पैदल ले जाया गया। इस दौरान 100 से ज्यादा पुलिस जवान तैनात रहे। जुलूस के बाद सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया।
सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बताया कि घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं। जैसीनगर एसडीएम को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जांच में घटना के कारण, इसके लिए जिम्मेदार लोगों और भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जरूरी कदमों की पड़ताल की जाएगी। कलेक्टर के मुताबिक अब तक 13 लोगों की मौत हुई है, जबकि पांच लोग गंभीर हालत में हैं। जांच अधिकारी ने घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की पड़ताल शुरू कर दी है।
जहरीली शराब मामले में गिरफ्तार किए गए 10 आरोपियों को पुलिस ने सोमवार को बंडा नगर के प्रमुख मार्गों से जुलूस के रूप में पैदल ले जाया। पुलिस ने सुरक्षा के लिए 100 से ज्यादा जवानों की तैनाती की थी। पुलिस की इस कार्रवाई को अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों में कानून का भय पैदा करने और मामले की गंभीरता का संदेश देने की कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। जुलूस के बाद सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया।
उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने सागर पहुंचकर जहरीली शराब से प्रभावित परिवारों और अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि मामले में अब तक 30 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है और 14 लोगों को हिरासत में लिया गया है। देवड़ा ने कहा कि दोषियों के खिलाफ ऐसी कठोर कार्रवाई की जाएगी, जो प्रदेश में नजीर बनेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिन अधिकारियों की लापरवाही जांच में सामने आएगी, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक कथित अवैध शराब को सामान्य शराब की तुलना में करीब 20 से 30 रुपए कम कीमत में बेचा जा रहा था। कम कीमत के कारण मजदूर और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग इसकी ओर आकर्षित हुए। इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने और मौतों का मामला सामने आया। घटना के बाद करीब 20 परिवारों के सामने आर्थिक और पारिवारिक संकट खड़ा हो गया है।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अवैध शराब के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि कथित अवैध शराब कहां से लाई गई, इसकी सप्लाई किन लोगों के जरिए हुई और नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
जहरीली शराब कांड को लेकर सियासत भी तेज है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी सोमवार को सागर पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। पटवारी ने दावा किया कि उन्होंने 34 परिवारों के घर जाकर जानकारी ली है और सागर में कम से कम 50 लोगों की मौत हुई है। उनके इस दावे पर उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि सरकार किसी भी तरह के आंकड़े नहीं छिपा रही है और सरकारी आंकड़े के मुताबिक अब तक 13 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जहरीली शराब कांड में एक ओर पुलिस आरोपियों का जुलूस निकालकर कार्रवाई का संदेश दे रही है, वहीं प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच शुरू कर दी है। जांच में घटना के वास्तविक कारण, जिम्मेदार लोगों और अधिकारियों की भूमिका सामने आने की उम्मीद है। इसके साथ ही पुलिस की जांच का फोकस अवैध शराब की सप्लाई और इसके पूरे नेटवर्क तक पहुंचने पर है।