Sagar Poisonous Liquor Case Update : सागर के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में जहरीली शराब की आशंका के बीच हुई मौतों ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। महज दो दिनों में 11 से ज्यादा लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि करीब 35 लोग बीमार बताए जा रहे हैं। इनमें कुछ की हालत गंभीर है। कई मरीजों के शरीर नीले पड़ने की बात भी सामने आई है। घटना के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हैं, लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब अवैध शराब के उस नेटवर्क को लेकर है, जिसके जरिए यह शराब गांवों तक पहुंची।
घटना की शुरुआत शनिवार शाम करीब साढ़े चार बजे नौराज और गूगरा खुर्द क्षेत्र में शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने से हुई। लोगों को उल्टी, सिरदर्द और अन्य गंभीर लक्षणों के बाद अस्पताल ले जाया गया। कुछ की हालत इतनी तेजी से बिगड़ी कि इलाज के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। मृतकों में नौराज, गूगरा खुर्द, पाटन, चौका, दलपतपुर, बमूरा और लिधौरा समेत आसपास के गांवों के लोग बताए जा रहे हैं।
मृतकों के परिजनों के मुताबिक, कुछ लोगों ने एक साथ शराब का सेवन किया था। इसके कुछ समय बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और शरीर ठंडा पड़ने लगा। एक परिजन ने बताया कि शराब पीने के करीब आधे घंटे के भीतर ही व्यक्ति की मौत हो गई। इन घटनाओं ने जहरीली शराब की आशंका को और गहरा कर दिया है। हालांकि मौतों का वास्तविक कारण मेडिकल जांच और रिपोर्ट के आधार पर ही स्पष्ट होगा।
पुलिस की शुरुआती जांच में शराब की सप्लाई उत्तर प्रदेश के ललितपुर से जुड़े होने की जानकारी सामने आने की बात कही गई है। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शराब कहां तैयार हुई, किसके जरिए सागर तक पहुंची और गांवों में इसकी सप्लाई कौन कर रहा था। कुछ मामलों की शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मिथाइल अल्कोहल की बात सामने आने की जानकारी भी अधिकारियों ने दी है, हालांकि अंतिम पुष्टि मेडिकल जांच से होगी।
घटना के बाद प्रशासन ने एहतियातन क्षेत्र की छह शराब दुकानों को सील कर दिया और शराब के सैंपल लेने के निर्देश दिए हैं। वहीं शासन ने विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की है। सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा की आबकारी उप निरीक्षक रोशनी उरेती को निलंबित किया गया है। आबकारी उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को ग्वालियर मुख्यालय अटैच किया गया है। गूगरा चौकी प्रभारी और बंडा थाना प्रभारी को भी निलंबित किया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर तत्काल संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने BMC पहुंचकर मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात की, जबकि उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भी दोषियों को नहीं बख्शने की बात कही है। मृतकों के परिजनों को सरकार की ओर से 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया गया है।
घटना को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सवाल उठाया कि शराब माफिया बेखौफ कैसे काम कर रहा था और अवैध शराब के कारोबार को किसका संरक्षण प्राप्त था। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। बंडा के पूर्व विधायक तरवर सिंह लोधी ने दोषियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने और प्रत्येक मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग की है।
बंडा की इस त्रासदी के बाद कई सवाल जांच के सामने हैं। जहरीली शराब आखिर कहां तैयार हुई? ललितपुर से सागर तक इसकी सप्लाई कौन कर रहा था? गांवों तक शराब किस नेटवर्क के जरिए पहुंची? क्या स्थानीय स्तर पर किसी की मिलीभगत थी और यदि थी तो वह कितने स्तर तक थी? इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद सामने आएंगे। फिलहाल प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती अस्पतालों में भर्ती मरीजों की जान बचाने के साथ उस पूरे नेटवर्क तक पहुंचना है, जिसकी वजह से कई परिवारों ने अपने अपनों को खो दिया।