शराबकांड में पुलिस की कार्रवाई फोटो सोर्स- नवभारत
सागर

सागर जहरीली शराब कांड: 15 मौतों के बाद अब तक क्या हुई कार्रवाई? 25 से ज्यादा पर FIR, 10 गिरफ्तार

Sagar Police Action: सागर जहरीली शराब कांड में 15 लोगों की मौत के बाद अब तक 25 से ज्यादा आरोपियों पर FIR और 10 गिरफ्तारियां हुई हैं। 109 मरीजों का इलाज जारी है।

सरजू पटेल, प्रीतेश जैन

Sagar Poisonous Liquor Case Action : सागर जिले के बंडा क्षेत्र में कथित जहरीली शराब पीने से अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। करीब 109 मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इनमें 12 मरीज बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) के ICU में भर्ती हैं। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है और शराब के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटे हैं।

मामले में बंडा और विनायका थानों में 25 से अधिक नामजद आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। FIR में कथित अवैध शराब की बिक्री, सप्लाई और शराब तैयार करने से जुड़े कई लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस अब आरोपियों की भूमिका की जांच करने के साथ यह पता लगाने में जुटी है कि जहरीली शराब आखिर कहां तैयार हुई थी और बंडा क्षेत्र तक किस नेटवर्क के जरिए पहुंची।

अब तक 10 आरोपी गिरफ्तार

सागर पुलिस के मुताबिक, मामले में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है कि शराब की सप्लाई में कौन-कौन लोग शामिल थे और कथित जहरीली शराब किन स्थानों से होकर गांवों तक पहुंची। वहीं फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

FIR में सस्ती शराब और कथित नकली ब्रांड का जिक्र

बंडा थाने में दर्ज FIR में सस्ती शराब और कथित नकली ब्रांड से जुड़े आरोपों का उल्लेख है। शिकायत के अनुसार, एक व्यक्ति ने 4 सितंबर को कथित तौर पर 70 रुपए में देशी शराब का क्वार्टर खरीदा था। शराब पीने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। FIR में अन्य लोगों की भी शराब पीने के बाद मौत का उल्लेख किया गया है। पुलिस इन घटनाओं और शराब की सप्लाई के बीच संबंधों की जांच कर रही है।

लाइसेंसी ठेकेदारों समेत कई लोगों के नाम

FIR में कथित अवैध शराब बेचने वालों के अलावा कुछ लाइसेंसी ठेकेदारों समेत कई लोगों के नाम भी शामिल किए गए हैं। पुलिस इन सभी की भूमिका की जांच कर रही है। जांच का एक प्रमुख बिंदु यह भी है कि लाइसेंसी शराब दुकानों और कथित अवैध शराब की सप्लाई के बीच कोई संबंध था या नहीं। फिलहाल पुलिस पूछताछ और दस्तावेजों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

ततरवारा में अवैध शराब बनाने का ग्रामीणों का दावा

कुछ ग्रामीणों ने दावा किया है कि नौराज ग्राम पंचायत के ततरवारा गांव में लंबे समय से अवैध शराब बनाने और आसपास के गांवों में सप्लाई किए जाने की चर्चा रही है। ग्रामीणों ने कुछ प्रभावशाली लोगों के इसमें शामिल होने का आरोप भी लगाया है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ततरवारा में कथित अवैध शराब निर्माण को लेकर पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

109 मरीजों का इलाज, एक को एयरलिफ्ट किया

प्रशासन के अनुसार, कथित जहरीली शराब से प्रभावित 109 मरीजों का इलाज चल रहा है। BMC में 85 मरीज भर्ती हैं, जिनमें 12 ICU में हैं। जिला अस्पताल में 17 और बंडा सिविल अस्पताल में 7 मरीजों का उपचार जारी है। एक गंभीर मरीज को एयरलिफ्ट कर एम्स भोपाल भेजा गया है। प्रशासन का कहना है कि अधिकांश मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर है और दवाइयां, डायलिसिस तथा जरूरी जांच की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मेथेनॉल की मिलावट की जांच

प्रारंभिक जांच में शराब में मेथेनॉल की मिलावट पाए जाने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक शराब का वास्तविक स्रोत, इसे तैयार करने वाले लोग और सप्लाई नेटवर्क जांच के दायरे में हैं। मेथेनॉल जहरीला अल्कोहल है और इसके सेवन से गंभीर विषाक्तता हो सकती है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि 15 मौतों के पीछे शराब की सप्लाई चेन में कौन-कौन लोग जिम्मेदार थे?

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