Sagar Liquor Case : सागर के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में हुई जहरीली शराब त्रासदी के विरोध में मंगलवार को युवा कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष यश लखन घनघोरिया के नेतृत्व में कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट का घेराव करने निकले। केंट शॉपिंग मॉल से शुरू हुआ प्रदर्शन सिविल लाइन और कालीचरण चौराहे से होते हुए कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ा। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की। वाटर कैनन के इस्तेमाल की भी रिपोर्ट सामने आई है।
प्रदर्शनकारियों को कलेक्ट्रेट पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस ने तीन स्तर की बैरिकेडिंग की थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद पुलिस ने यश घनघोरिया समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर सिविल लाइन थाने पहुंचाया। बाद में रिहाई के बाद कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की।
युवा कांग्रेस ने जहरीली शराबकांड में प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने और मामले में जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। संगठन का कहना है कि पीड़ित परिवारों को राहत और न्याय मिलना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने बंडा क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार की जांच और कथित नेटवर्क पर कार्रवाई की मांग भी उठाई।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए यश घनघोरिया ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अवैध शराब का कारोबार जारी है और सरकार इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही। उन्होंने प्रशासन पर विपक्ष की आवाज दबाने का भी आरोप लगाया। ये आरोप युवा कांग्रेस और कांग्रेस नेताओं की ओर से लगाए गए हैं।
जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेश जाटव ने मृतक परिवारों को मुआवजा देने और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मुहासा ने बंडा, शाहगढ़ और मालथौन में अवैध शराब की बिक्री का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। पूर्व मंत्री हर्ष यादव, सुरेंद्र चौधरी और पूर्व विधायक तरवर लोधी समेत अन्य नेताओं ने भी सरकार और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए।
प्रदर्शन के दौरान वाटर कैनन के इस्तेमाल को लेकर भी कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाए। पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी ने इसे प्रदर्शनकारियों को रोकने की कार्रवाई बताया, जबकि अन्य नेताओं ने भी पुलिस कार्रवाई पर आपत्ति जताई। दूसरी ओर पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को कलेक्ट्रेट तक पहुंचने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग और अन्य इंतजाम किए गए थे।
बंडा क्षेत्र की जहरीली शराब त्रासदी को लेकर सरकार ने न्यायिक जांच भी गठित की है। 15 सितंबर को गठित एक सदस्यीय न्यायिक आयोग को मौतों और बीमारियों की परिस्थितियों के साथ-साथ आबकारी, पुलिस और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच का जिम्मा दिया गया है।
युवा कांग्रेस के प्रदर्शन, पुलिस की कार्रवाई और नेताओं के आरोपों के बाद सागर में इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां तेज हुई हैं। कांग्रेस लगातार पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रही है। वहीं शराब त्रासदी की जांच न्यायिक आयोग और संबंधित एजेंसियों के स्तर पर जारी है।