Sagar Liquor Case Protest : सागर जिले के बंडा में जहरीली शराब से हुई मौतों को लेकर शिवसेना ने शुक्रवार को सागर में विरोध प्रदर्शन किया। बरसते पानी के बीच शिवसैनिकों ने आबकारी मंत्री जगदीश देवड़ा का पुतला दहन कर विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान पुतला छीनने को लेकर पुलिस और शिवसैनिकों के बीच हल्की झूमाझटकी भी हुई। प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
शिवसैनिक जैसे ही आबकारी मंत्री का पुतला जलाने पहुंचे, पुलिस ने पुतला अपने कब्जे में लेने का प्रयास किया। पुलिस ने एक पुतला छीन लिया। हालांकि, कुछ ही देर बाद शिवसैनिक दूसरा पुतला लेकर मौके पर पहुंचे और उसे आग के हवाले कर दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने बंडा शराब कांड को लेकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान बारिश लगातार जारी रही, लेकिन शिवसैनिक मौके पर डटे रहे। कार्यकर्ताओं ने कथित अवैध शराब कारोबार के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। शिवसेना पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि जिले में लंबे समय से अवैध शराब का कारोबार चल रहा है और समय रहते कार्रवाई की जाती तो इतनी बड़ी घटना को टाला जा सकता था।
शिवसेना उप राज्य प्रमुख पप्पू तिवारी ने आरोप लगाया कि जिले में लंबे समय से अवैध शराब का कारोबार चल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि मध्यप्रदेश सरकार समय रहते कथित शराब माफिया के खिलाफ कार्रवाई करती तो बंडा में इतनी मौतें नहीं होतीं। तिवारी ने दावा किया कि घटना में मृतकों की संख्या 50 से अधिक है और इसके बावजूद आबकारी मंत्री के इस्तीफे को लेकर सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है।
शिवसेना जिला प्रभारी विकास सिंह ने भी बंडा में मृतकों की संख्या 50 से अधिक होने का दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है, जबकि प्रशासन की ओर से कम संख्या बताई जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मृतकों की संख्या को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होगी तो पीड़ित परिवारों को मिलने वाले मुआवजे का निर्धारण किस आधार पर किया जाएगा। उन्होंने सरकार से मृतकों के आंकड़े सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करने की मांग की।
शिवसेना जिला प्रमुख दीपक सिंह लोधी ने रानीपुरा में पकड़ी गई लाखों रुपये की कथित ब्रांडेड शराब को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि इतनी बड़ी मात्रा में जब्त शराब किसकी थी और इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई। लोधी ने दावा किया कि शिवसेना पिछले दो वर्षों से जिले में कथित अवैध और जहरीली शराब के कारोबार को लेकर शिकायतें करती रही है, लेकिन प्रशासन ने इन शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया।
प्रदर्शन के दौरान शिवसेना नेताओं ने सागर शराबकांड की निष्पक्ष जांच, कथित अवैध शराब कारोबार पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को उचित सहायता देने की मांग की। नेताओं ने घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई।
पुतला दहन रोकने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झूमाझटकी से कुछ देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण रही। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन शिवसैनिक दूसरा पुतला लेकर पहुंचे और उसे जला दिया। शिवसेना नेताओं की ओर से लगाए गए मौतों के आंकड़े और अवैध शराब कारोबार से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है। मामले में प्रशासन और पुलिस की जांच तथा आधिकारिक आंकड़ों से स्थिति स्पष्ट होगी।