Sagar Apchand Tourist Place : मानसून की बारिश के साथ सागर के पास स्थित आपचंद की खूबसूरती इन दिनों देखते ही बन रही है। चारों ओर फैली हरियाली, ऊंची-नीची पहाड़ियां, चट्टानों के बीच बहते झरने और कल-कल करती गंधर्वी नदी यहां पहुंचने वाले पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। बारिश के मौसम में आपचंद का नजारा किसी मिनी हिल स्टेशन से कम नहीं लगता।
मानसून की बारिश के बाद आपचंद की पहाड़ियों पर हरियाली की चादर बिछ गई है। चट्टानों के बीच से गिरता दूधिया पानी और नदी की तेज धार प्राकृतिक सौंदर्य को और बढ़ा रही है। बड़ी संख्या में लोग परिवार और दोस्तों के साथ यहां पहुंचकर मौसम और प्रकृति के खूबसूरत नजारों का आनंद ले रहे हैं।
आपचंद की खासियत यहां का प्राकृतिक और भौगोलिक स्वरूप है। करीब 200 से 300 फीट नीचे उतरने के बाद पहाड़ियों और चट्टानों के बीच एक अलग ही प्राकृतिक संसार दिखाई देता है। यहां मौजूद प्राचीन धार्मिक स्थल इस क्षेत्र को प्राकृतिक सुंदरता के साथ धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व भी प्रदान करते हैं।
चट्टानों की गुफाओं के बीच स्थित 100 साल से अधिक पुराना प्राचीन हनुमान मंदिर यहां आने वाले श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। मंदिर परिसर में हरेराम महाराज की समाधि भी मौजूद है। ऐसे में पर्यटक प्रकृति के बीच घूमने के साथ धार्मिक स्थलों पर दर्शन और पूजा-अर्चना भी करते हैं।
आपचंद की खूबसूरती को यहां बहने वाली गदेरी यानी गंधर्वी नदी और बढ़ा देती है। मानसून में भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर और बहाव बढ़ गया है। दोनों ओर खड़ी हरी-भरी पहाड़ियों और विशाल अर्जुन के पेड़ों के बीच बहती नदी का दृश्य पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रहा है।
बारिश के बाद चट्टानों के बीच अलग-अलग दिशाओं से गिरते झरने यहां आने वाले लोगों के लिए खास आकर्षण बने हुए हैं। घने पेड़ों, पहाड़ियों और झरनों के बीच पर्यटक तस्वीरें और सेल्फी लेते नजर आ रहे हैं। परिवार और दोस्तों के साथ पहुंचने वाले लोग इन प्राकृतिक नजारों को मोबाइल कैमरों में कैद कर रहे हैं।
प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक आस्था और शांत वातावरण का संगम आपचंद को सागर और आसपास के लोगों के लिए मानसून में घूमने की खास जगह बना रहा है। हालांकि, बारिश के दौरान नदी और झरनों के आसपास फिसलन और तेज बहाव को देखते हुए पर्यटकों को सावधानी बरतने की जरूरत है।