Highlights:
रीवा में एक्स-रे मशीनों को लेकर ‘चिट्ठी संग्राम’।
भाजपा विधायक ने स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र।
त्योंथर में तीन महीने से मशीन खराब।
चाकघाट में नई मशीन अब तक स्थापित नहीं।
सोशल मीडिया पर विभागीय जवाबदेही को लेकर बहस।
MLA Siddharth Tiwari Letter To Health Minister : रीवा जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर ‘चिट्ठी संग्राम’ शुरू हो गया है। त्योंथर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक सिद्धार्थ तिवारी ने सिविल अस्पताल त्योंथर की खराब एक्स-रे मशीन बदलने और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चाकघाट में नई मशीन स्थापित कराने के लिए स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल को पत्र लिखा है। 5 अक्टूबर 2026 को लिखे गए इस पत्र के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस छिड़ गई है। अब सवाल उठ रहे हैं कि अस्पतालों में जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं दुरुस्त रखने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है।
विधायक सिद्धार्थ तिवारी ने स्वास्थ्य मंत्री को लिखे पत्र में बताया कि सिविल अस्पताल त्योंथर की एक्स-रे मशीन पिछले तीन महीने से खराब पड़ी है। इसके कारण अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक्स-रे जैसी जरूरी जांच के लिए मशीन उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को राहत नहीं मिल पा रही है। विधायक ने स्वास्थ्य मंत्री से खराब मशीन को बदलवाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है, ताकि अस्पताल में जांच की सुविधा फिर से शुरू हो सके।
विधायक ने अपने पत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चाकघाट का मुद्दा भी उठाया है। उनके मुताबिक, यहां वेंडर की ओर से एक्स-रे मशीन उपलब्ध कराई जा चुकी है, लेकिन अब तक उसे स्थापित नहीं किया गया है। ऐसे में मशीन मौजूद होने के बावजूद इसका लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। विधायक ने स्वास्थ्य मंत्री शुक्ल से मशीन को जल्द स्थापित कराने की मांग की है। दोनों अस्पतालों से जुड़े इन मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और चिकित्सा उपकरणों को समय पर चालू कराने की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
भाजपा विधायक का पत्र सार्वजनिक होने के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे मरीजों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की पहल मान रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या ऐसी समस्याओं के समाधान के लिए सीधे मंत्री को पत्र लिखना जरूरी है, या स्थानीय अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। इस बहस के बीच अस्पतालों में मशीनों के रखरखाव और उपलब्ध उपकरणों को समय पर शुरू कराने का मुद्दा चर्चा के केंद्र में आ गया है।
त्योंथर और चाकघाट में एक्स-रे मशीनों से जुड़ा मामला अब केवल एक पत्र तक सीमित नहीं रह गया है। यह स्वास्थ्य सुविधाओं के संचालन, उपकरणों के रखरखाव और विभागीय जवाबदेही से जुड़े सवाल भी उठा रहा है। विधायक की मांग के बाद अब निगाहें स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर हैं। देखना होगा कि पत्र के बाद अब मशीन कब बदली जाएगी और चाकघाट में नई मशीन कब स्थापित होगी।