Rewa Residential Factory Safety: रीवा शहर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित पाण्डेयन टोला में घनी आबादी के बीच संचालित लाई (मुरमुरा) बनाने की फैक्ट्री को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। रहवासियों का आरोप है कि फैक्ट्री में लगातार आग और भट्टियों का उपयोग होने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने का भी आरोप लगाया गया है।
पाण्डेयन टोला शहर का घनी आबादी वाला इलाका है, जहां हजारों परिवार निवास करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां की गलियां 10 फीट से भी कम चौड़ी हैं। ऐसे में यदि फैक्ट्री में आग लगती है तो दमकल वाहन का मौके तक पहुंचना बेहद मुश्किल होगा। इस कारण इलाके के लोग हमेशा किसी अनहोनी की आशंका में रहते हैं।
रहवासियों का आरोप है कि फैक्ट्री में पहले भी कई बार आग लगने जैसी घटनाएं हो चुकी हैं। लाई बनाने की प्रक्रिया में लगातार भट्टियों और तेज तापमान का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे आग लगने का खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि फैक्ट्री में पर्याप्त अग्निशमन उपकरण और सुरक्षा इंतजाम भी नजर नहीं आते।
स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया है कि घनी आबादी वाले रिहायशी क्षेत्र में इस तरह की फैक्ट्री संचालन की अनुमति कैसे दी गई। नगर निगम, जिला प्रशासन और अग्निशमन विभाग की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।
इलाके के रहवासियों का कहना है कि फैक्ट्री से निकलने वाला धुआं और लगातार जलती भट्टियों की गर्मी आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर डाल रही है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था की जांच कराई जाए। यदि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा है तो इसे रिहायशी क्षेत्र से हटाया जाए और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। फिलहाल इस मामले ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी को लेकर नई बहस छेड़ दी है।