Rewa Kalpana Mishra Death Case : रीवा के संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत के मामले में शनिवार से मजिस्ट्रेटियल जांच शुरू हो गई। जांच के तहत मृतका के परिजनों की ओर से अधिवक्ता जांच समिति के सामने उपस्थित हुए और मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य और दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। परिजनों की ओर से घटना की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग की जा रही है।
अधिवक्ता ने जांच समिति के सामने ऑपरेशन थिएटर से सामने आए मृतका के वीडियो समेत अन्य उपलब्ध साक्ष्य रखे। उनका कहना है कि इन साक्ष्यों से घटना के दौरान अस्पताल में मौजूद परिस्थितियों और घटनाक्रम को समझने में मदद मिल सकती है। अधिवक्ता ने समिति से अस्पताल के तकनीकी और दस्तावेजी रिकॉर्ड को भी जांच के दायरे में शामिल करने की मांग की।
अधिवक्ता ने गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल के ऑपरेशन थिएटर के बाहर गलियारे में लगे CCTV कैमरों की फुटेज मंगाने की मांग की है। इसके साथ ही घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों का रोस्टर, सहायक स्टाफ का रजिस्टर और अधीक्षक कार्यालय में हुई बातचीत से संबंधित CCTV फुटेज भी जांच में शामिल करने का प्रस्ताव दिया गया है।
मृतका के परिजनों की ओर से कहा गया है कि तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच से घटना के समय अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों और कर्मचारियों की भूमिका स्पष्ट हो सकती है। साथ ही यह भी सामने आ सकता है कि कल्पना मिश्रा के इलाज के दौरान किन परिस्थितियों में घटनाक्रम आगे बढ़ा।
इधर, कल्पना मिश्रा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर उनके पिता राम शिरोमणि मिश्रा पिछले 11 दिनों से सिरमौर चौक पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनके समर्थन में राजनीतिक दलों के साथ विभिन्न सामाजिक संगठन भी सामने आए हैं। परिवार लगातार मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है।
कल्पना मिश्रा केस की मजिस्ट्रेटियल जांच शुरू होने के बाद अब परिजनों और समर्थकों को उम्मीद है कि उपलब्ध दस्तावेजी और तकनीकी साक्ष्यों की जांच से घटना की वास्तविक स्थिति सामने आएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर जिम्मेदार लोगों की भूमिका तय होने और आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ होने की उम्मीद है।