Highlights:
रीवा के चोरहटा क्षेत्र के मैदानी इलाके में पटाखों का थोक कारोबार।
दीपू पटाखा और घनश्याम पटाखा की दुकानों पर उठे सवाल।
लाइसेंस और फायर सेफ्टी इंतजामों की जांच की मांग।
कार्रवाई के लिए पहुंची पुलिस-प्रशासन की टीम खाली हाथ लौटी।
Rewa Firecracker Shops In Residential Area : रीवा शहर के चोरहटा थाना क्षेत्र के मैदानी इलाके में रिहायशी आबादी के बीच पटाखों की थोक दुकानें और गोदाम संचालित होने का मामला सामने आया है। यहां पटाखों के भंडारण और बिक्री में सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर वैध लाइसेंस और जरूरी सुरक्षा इंतजामों के बिना कारोबार किए जाने की शिकायतें हैं।
मामले में पुलिस और प्रशासन की टीम कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंची, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई किए बिना लौट आई। इससे प्रशासन की निगरानी और कार्रवाई के तरीके पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक चोरहटा थाना क्षेत्र के मैदानी इलाके में दीपू पटाखा और घनश्याम पटाखा के नाम से दुकानें संचालित हैं। बताया जा रहा है कि इन दुकानों पर फुटकर बिक्री के साथ बड़े पैमाने पर थोक कारोबार भी किया जाता है। ऐसे में यहां पटाखों और विस्फोटक सामग्री के भंडारण की मात्रा और उसके लिए अपनाए जा रहे सुरक्षा इंतजामों की जांच जरूरी है।
स्थानीय लोगों की शिकायत है कि रिहायशी इलाके में संचालित इन दुकानों और गोदामों में पर्याप्त फायर सेफ्टी इंतजाम नजर नहीं आते। यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या दुकानों के पास वैध लाइसेंस हैं और क्या भंडारण निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जा रहा है?
मामले को लेकर सिटी एसपी आलोक वर्मा ने दुकानदारों को पटाखों के भंडारण, बिक्री और सुरक्षा से जुड़े नियमों की जानकारी दी। उन्होंने निर्धारित मानकों का पालन करने की हिदायत दी। इसके बाद रीवा पुलिस और प्रशासन की टीम कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंची।
मौके पर पहुंची टीम के लौटने के बाद कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शिकायतों के बावजूद दुकानों और गोदामों के लाइसेंस, भंडारण की मात्रा और फायर सेफ्टी इंतजामों की स्थिति पर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब सुरक्षा को लेकर शिकायतें थीं, तो जांच के बाद ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए?