रीवा में पुलिसकर्मियों के बीच खूनी झड़प (सोर्स- सोशल मीडिया) 
रीवा

रीवा पुलिस लाइन में खूनी जंग, प्रधान आरक्षक पर तलवार और गड़ासे से हमला; अस्पताल में भर्ती

MP News: रीवा के बिछिया थाना क्षेत्र स्थित पुलिस लाइन में रविवार देर रात दो पुलिसकर्मियों के बीच हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। इस घटना में प्रधान आरक्षक मुकेश तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गए।

सजल रघुवंशी

Rewa Police Line Violence News: रीवा के बिछिया थाना क्षेत्र स्थित पुलिस लाइन में रविवार देर रात दो पुलिसकर्मियों के बीच हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। इस घटना में प्रधान आरक्षक मुकेश तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए संजय गांधी अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद पूरे पुलिस लाइन परिसर में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया।

जानकारी के मुताबिक प्रधान आरक्षक मुकेश तिवारी की तैनाती फिलहाल मनगवां थाने में है और इन दिनों उनकी ड्यूटी रीवा कोर्ट में लगाई गई थी। बताया जा रहा है कि रविवार रात करीब 11:30 बजे जब मुकेश तिवारी पुलिस लाइन स्थित अपने घर पहुंचे, तभी किसी बात को लेकर उनकी पुलिस लाइन में रहने वाले सुरेंद्र पांडे उर्फ “मामा” से बहस हो गई। कुछ ही देर में विवाद इतना बढ़ गया कि मामला हिंसक मारपीट तक पहुंच गया।

धारदार हथियारों से किया गया हमला

आरोप है कि सुरेंद्र पांडे उर्फ 'मामा' ने अपने बेटे समन पांडे और अन्य साथियों के साथ मिलकर प्रधान आरक्षक मुकेश तिवारी पर धारदार हथियारों और लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। बताया जा रहा है कि हमले के दौरान तलवार और गड़ासे का भी इस्तेमाल किया गया। बताया जा रहा है कि चीख-पुकार सुनकर जब परिवार के लोग बीच-बचाव करने पहुंचे तो आरोपियों ने उनके पुत्र के साथ भी मारपीट की।

घायल पुलिसकर्मी की पत्नी ने लगाए यह आरोप

घटना के बाद घायल प्रधान आरक्षक की पत्नी सुभाषिनी तिवारी ने सुरेंद्र पांडे उर्फ “मामा” पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस लाइन में उसका व्यवहार लंबे समय से विवादों में रहा है। सुभाषिनी के मुताबिक, वह अक्सर शराब के नशे में लोगों से अभद्रता और हंगामा करता है तथा पहले भी कई बार विवादों में शामिल रह चुका है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद उसके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

सुरेंद्र पांडे पर पहले भी हो चुकी है विभागीय कार्रवाई

खबरों की मानें तो सुरेंद्र पांडे के खिलाफ पहले भी विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जा चुकी है लेकिन इसके बावजूद उसके रवैये में कोई बदलाव नहीं आया। फिलहाल वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पूरे मामले की जांच में जुट गए हैं। पुलिस लाइन जैसे संवेदनशील परिसर में पुलिसकर्मियों के बीच हुई इस हिंसक घटना ने विभागीय अनुशासन और आंतरिक व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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