पचमढ़ी में बीजेपी प्रशिक्षण शिविर के आखिरी दिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (फोटो- सोशल मीडिया) 
मध्य प्रदेश

‘पावर में हो तो घमंड मत करो’, राजनाथ सिंह का पार्टी नेताओं को स्पष्ट संदेश; कहा- सेवा और ईमानदारी से करें राजनीति

पचमढ़ी में भाजपा कैंप के अंतिम दिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नेताओं को घमंड न करने और ईमानदारी से जनता की सेवा करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सत्ता स्थायी नहीं होती।

सौरभ शर्मा

भोपाल: मध्य प्रदेश के पचमढ़ी में बीजेपी प्रशिक्षण शिविर के आखिरी दिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पार्टी नेताओं को सियासत की असल जिम्मेदारी का अहसास कराया। उन्होंने दो टूक कहा कि सत्ता स्थायी नहीं होती और जो आज सत्ता में हैं, उन्हें घमंड नहीं करना चाहिए। उन्होंने भ्रष्टाचार से दूर रहकर जनता की सेवा को सर्वोपरि बताया। उनके भाषण में नैतिकता, जिम्मेदारी और राष्ट्रभक्ति की झलक साफ दिखी, जिससे नेताओं पर भी खासा असर पड़ा।

राजनाथ सिंह ने अपने भाषण में भारतीय राजनीति के अतीत से वर्तमान तक का सफर बताया। उन्होंने जनसंघ, अटल बिहारी वाजपेयी, श्याम प्रसाद मुखर्जी और दीनदयाल उपाध्याय जैसे नेताओं के संघर्षों की याद दिलाते हुए कहा कि पद का महत्व नहीं, काम का असर जरूरी होता है। प्रशिक्षण शिविर में उन्होंने 'घमंड छोड़ो, सेवा अपनाओ' का मंत्र दिया, जिससे बीजेपी कार्यकर्ताओं को साफ संदेश गया कि नेतृत्व का असली मतलब जनता से जुड़ना है।

ऑपरेशन सिंदूर पर दिया स्पष्ट संदेश

रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर पर कहा कि भारत ने संयम और मर्यादा के साथ जवाब दिया। उन्होंने रामचरित मानस की चौपाई का हवाला देते हुए कहा कि भारत ने सिर्फ उन आतंकियों को मारा जिन्होंने निर्दोषों की हत्या की थी। उन्होंने इसे एक सीमित लेकिन प्रभावशाली कार्रवाई बताया।

शिविर में दिखा अनुशासन और उत्साह

इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में कुल 201 नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए, जिनमें सांसद और विधायक भी थे। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने बताया कि शिविर के पहले दिन गृह मंत्री अमित शाह ने उद्घाटन किया था। अलग-अलग बार के निर्वाचित विधायकों को अलग ग्रुपों में बांटकर चर्चा की गई। हालांकि ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत 15 विधायक शामिल नहीं हो पाए।

अनुशासन और उत्साह का पढ़ाया गया पाठ

इस 3 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में सांसद और विधायकों समेत कुल 201 नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। BJP प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने बताया कि पहले दिन गृह मंत्री अमित शाह ने शिविर का उद्घाटन किया। अलग-अलग समय से चुने गए विधायकों को अलग-अलग समूहों में बांटकर चर्चा की गई। हालांकि ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत 15 विधायक शामिल नहीं हो सके।

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