पन्ना टाइगर रिजर्व में हिरण का अवैध शिकार (सोर्स- सोशल मीडिया) 
पन्ना

पन्ना टाइगर रिजर्व में हड़कंप! सबसे सुरक्षित कोर एरिया में हिरण का शिकार, वन विभाग ने एक आरोपी को दबोचा

Illegal Deer Hunting: पन्ना टाइगर रिजर्व के अति-सुरक्षित कोर एरिया में हिरण का अवैध शिकार, वन विभाग ने घेराबंदी कर एक आरोपी को दबोचा, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल।

सजल रघुवंशी

Panna Tiger Reserve Illegal Deer Hunting: पन्ना टाइगर रिजर्व के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले कोर एरिया में हिरण के अवैध शिकार का मामला सामने आने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। चंद्रनगर रेंज के अंतर्गत हुई इस घटना के बाद वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

हालांकि विभाग ने फिलहाल आरोपी की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

मुखबिर की सूचना पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई

वन विभाग को मुखबिर के माध्यम से चंद्रनगर रेंज के कोर एरिया में हिरण के अवैध शिकार की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही अधिकारियों ने विशेष टीम गठित कर इलाके की घेराबंदी की और सघन तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान टीम ने एक संदिग्ध को मौके से गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच के बाद उसके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

कोर एरिया में शिकार से सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

पन्ना टाइगर रिजर्व का कोर एरिया वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से सबसे संवेदनशील और सुरक्षित क्षेत्र माना जाता है। ऐसे इलाके में हिरण के अवैध शिकार की घटना सामने आने से पार्क की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल जैव विविधता के लिए खतरा हैं, बल्कि संरक्षण प्रयासों को भी प्रभावित करती हैं।

आरोपी से पूछताछ, अन्य संदिग्धों की तलाश जारी

वन विभाग के अधिकारी गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटे हैं कि इस अवैध शिकार में उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि शिकार के लिए किन हथियारों, फंदों या अन्य तरीकों का इस्तेमाल किया गया। अधिकारियों के अनुसार, मामले से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें रवाना कर दी गई हैं।

जांच पूरी होने के बाद होगी सख्त कार्रवाई

वन विभाग का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि संरक्षित क्षेत्र में वन्यजीवों के शिकार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

https://youtu.be/IglC92VI1CY?si=8lhfj6GLl-dM6jM5

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