पन्ना में लापरवाही का शिकार हुआ अनाज (सोर्स- सोशल मीडिया) 
पन्ना

सिस्टम की बड़ी लापरवाही..पन्ना में बारिश में बर्बाद हुआ लाखों का अनाज, खुले में सड़ रहा हजारों क्विंटल धान

Panna Warehouse Negligence: पन्ना में लापरवाही का शिकार हुआ हजारों क्विंटल धान, बारिश में भीगने से बोरियों में उगे पौधे, वीडियो वायरल होने पर हड़कंप, कलेक्टर ने गठित की 3 सदस्यीय जांच टीम।

सजल रघुवंशी

Paddy Damage In Rain Panna: मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से सरकारी अनाज की बर्बादी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिले के बड़ागांव और लक्ष्मीपुर खरीदी केंद्रों में समर्थन मूल्य पर खरीदा गया हजारों क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे पड़ा रहने के कारण खराब हो गया।

लगातार बारिश और उचित रखरखाव के अभाव में धान की बोरियां इस कदर सड़ गईं कि उनमें से पौधे तक निकल आए। जब इस पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पन्ना कलेक्टर ने तीन सदस्यीय जांच दल का गठन कर जांच के आदेश दिए हैं।

सुरक्षित भंडारण नहीं होने से लाखों रुपये के अनाज को नुकसान

सरकार किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी तो करती है, लेकिन उसके सुरक्षित भंडारण में लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। बड़ागांव और लक्ष्मीपुर केंद्रों पर समय रहते धान का उठाव नहीं किया गया और न ही बोरियों को तिरपाल से ठीक तरह ढका गया। बारिश का पानी लगातार बोरियों में जाता रहा, जिससे धान अंकुरित हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर धान को वेयरहाउस में भेज दिया जाता, तो लाखों रुपये मूल्य के सरकारी अनाज को इस तरह बर्बाद होने से बचाया जा सकता था। लोगों ने इसे सरकारी लापरवाही और संसाधनों की बर्बादी बताया है।

जांच के बाद होगी कार्रवाई, नुकसान की होगी रिकवरी

मामले के तूल पकड़ने के बाद आपूर्ति विभाग और वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉरपोरेशन हरकत में आ गए हैं। कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी प्रदीप त्रिपाठी ने बताया कि लक्ष्मीपुर सहित अन्य केंद्रों पर धान की बोरियों के अंकुरित होने की जानकारी विभाग के संज्ञान में आई है। पूरे मामले की अलग से जांच कराई जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितनी बोरियां खराब हुई हैं। उन्होंने कहा कि धान की सुरक्षा और रखरखाव की मुख्य जिम्मेदारी वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन और संबंधित ब्रांच मैनेजर की होती है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी तथा हुए नुकसान की रिकवरी भी की जाएगी।

हर साल दोहराई जा रही लापरवाही पर उठे सवाल

वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉरपोरेशन के अध्यक्ष संजय नागायच ने भी वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए ब्रांच मैनेजर को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि वीडियो चार से पांच दिन पुराना बताया जा रहा है, लेकिन पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है।

इस घटना के बाद एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं कि जब हर साल उपार्जन केंद्रों पर अनाज की सुरक्षा और भंडारण के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, तो ऐसी लापरवाही बार-बार क्यों सामने आती है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगी या फिर जिम्मेदार अधिकारियों पर वास्तव में सख्त कार्रवाई होगी।

https://youtu.be/c1SbHvV-7UY?si=EAifzQYuFstYmoQf

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