नर्मदापुरम मूंग स्कैम (सोर्स- सोशल मीडिया) 
नर्मदापुरम

नर्मदापुरम: बोरियों में मूंग की जगह मिट्टी मिलने का खुलासा, मामले में तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

Moong Scam Narmadapuram: नर्मदापुरम में मूंग की जगह बोरियों में मिली मिट्टी, ₹28 करोड़ की सरकारी चपत। कनकधारा वेयरहाउस सील, कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देश पर प्रबंधक और संचालक समेत 3 पर एफआईआर दर्ज।

सजल रघुवंशी

Soil Found In Moong Procurement Sacks Narmadapuram: मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में समर्थन मूल्य पर खरीदी गई सरकारी मूंग के भंडारण में बड़ी अनियमितता सामने आई है। गुराड़िया कला स्थित कनकधारा वेयरहाउस में जांच के दौरान कई बोरियों में मूंग की जगह मिट्टी मिलने का खुलासा हुआ है। मामले की जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

प्रारंभिक जांच में शासन को करीब 28 करोड़ 14 लाख रुपये की आर्थिक क्षति होने का अनुमान लगाया गया है। इस खुलासे के बाद सरकारी खरीदी, भंडारण व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

62 हजार से ज्यादा बोरियों की जांच, कई स्टैक में मिली गड़बड़ी

कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देश पर गठित जांच टीम ने गुराड़िया कला स्थित कनकधारा वेयरहाउस में रखी 62 हजार से अधिक मूंग की बोरियों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान 23 स्टैक की बारीकी से पड़ताल की गई। निरीक्षण के बाद पूरे वेयरहाउस को सील कर दिया गया और संदिग्ध नमूनों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। लैब जांच में वर्ष 2023-24 और 2024-25 में संग्रहित मूंग की बोरियों में मिट्टी की मिलावट की पुष्टि हुई, जिससे पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया।

जांच रिपोर्ट के बाद तीन लोगों पर एफआईआर दर्ज

एसडीएम की अध्यक्षता में गठित जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर माखन नगर थाना पुलिस ने वेयरहाउस प्रबंधक वासुदेव दावडे, तत्कालीन प्रबंधक श्याम हौसले और संचालक तारेश पुरोहित के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि सरकारी भंडारण के दौरान मूंग में मिट्टी की मिलावट कर शासन को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया गया। एमपी पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस कथित गड़बड़ी में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

कलेक्टर बोले- दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

मामले को लेकर कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने स्पष्ट कहा है कि किसानों की उपज की गुणवत्ता और सरकारी संपत्ति से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच में दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच जारी है। जिला प्रशासन का कहना है कि सरकारी खरीदी और भंडारण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं की पुनरावृत्ति न हो।

https://youtu.be/rWC00MKTpGQ?si=e_pzoEg4cDetE10j

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