मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट (सोर्स- डिजाइन इमेज)
मध्य प्रदेश

MP Weather Update: फिर बढ़ा बारिश का दौर, श्योपुर-शिवपुरी में ऑरेंज अलर्ट; 17 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

Heavy Rain Alert In MP: मध्य प्रदेश में उत्तरी हिस्से की ओर बढ़ा मानसूनी सिस्टम, श्योपुर और शिवपुरी में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, ग्वालियर, मुरैना, गुना समेत 17 जिलों में चेतावनी जारी।

सजल रघुवंशी

Monsoon Update Madhya Pradesh 5 September: मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से को भिगोने के बाद अब मानसूनी सिस्टम राज्य के उत्तरी क्षेत्रों में सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक ग्वालियर, चंबल, सागर और उज्जैन संभाग के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है।

शनिवार के लिए श्योपुर और शिवपुरी में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, सागर, गुना, राजगढ़, शाजापुर और मंदसौर समेत 17 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

भारी बारिश के चलते कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी

लगातार हो रही बारिश और संभावित बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने कई जिलों में स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने का फैसला लिया है। श्योपुर, शिवपुरी और गुना में नर्सरी से 12वीं तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे, जबकि मुरैना में सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है। भिंड और ग्वालियर में नर्सरी से आठवीं तक के विद्यार्थियों को छुट्टी दी गई है। रायसेन जिले में भी सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

सीजन में पहली बार पूर्वी मध्य प्रदेश सामान्य से आगे

प्रदेश में लगातार हो रही बारिश का असर अब आंकड़ों में भी दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग के मुताबिक अब तक मध्य प्रदेश में 762.7 मिमी यानी करीब 30 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। हालांकि यह सामान्य औसत 816 मिमी से करीब 7 प्रतिशत कम है, लेकिन पूर्वी मध्य प्रदेश में स्थिति बेहतर हुई है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में पिछले एक सप्ताह के दौरान हुई लगातार बारिश के कारण सीजन में पहली बार पूर्वी क्षेत्र सामान्य से 3 प्रतिशत अधिक वर्षा के आंकड़े पर पहुंच गया है। हाल ही में इन क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थितियां बनने से बारिश का कुल आंकड़ा तेजी से बढ़ा है।

पश्चिमी हिस्से में अब भी बारिश का इंतजार

जहां पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी लगभग पूरी हो चुकी है, वहीं पश्चिमी हिस्से में अब भी औसत से कम वर्षा दर्ज की जा रही है। आगर-मालवा, इंदौर, उज्जैन, धार, देवास, नीमच, मंदसौर, रतलाम और सीहोर समेत कई जिलों में सामान्य से 5 से 54 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। दूसरी ओर अनूपपुर, छतरपुर, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, ग्वालियर, दतिया, गुना, श्योपुर और शिवपुरी सहित 24 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 6 सितंबर तक मानसूनी सिस्टम सक्रिय रहेगा, जबकि 7 और 8 सितंबर को भी कुछ जिलों में तेज बारिश देखने को मिल सकती है।

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