मध्य प्रदेश से शुरू हुई मानसून की विदाई फोटो सोर्स- AI
मध्य प्रदेश

MP Weather News: अगले तीन दिनों तक मौसम साफ रहने की संभावना; 10 अक्टूबर तक पूरी तरह विदा हो सकता है मानसून

MP Weather Update: मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई का काउंटडाउन शुरू, 10 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश से होगी विदाई। 5 अक्टूबर को पूर्वी एमपी के कई जिलों में हल्की बारिश के आसार।

सजल रघुवंशी

Madhya Pradesh Weather Update Today: मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई का इंतजार अब जल्द खत्म होने वाला है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रदेश में अगले तीन दिनों तक मौसम मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है।

इस दौरान दिन में तेज धूप के कारण गर्मी का असर बढ़ेगा, जबकि रात के तापमान में गिरावट से हल्की ठंडक महसूस होगी। इसके बाद 5 अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।

10 अक्टूबर तक पूरी तरह विदा हो सकता है मानसून

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य प्रदेश से मानसून की पूरी विदाई 10 अक्टूबर तक होने की संभावना है। इसकी वापसी की प्रक्रिया शुक्रवार-शनिवार से शुरू हो सकती है। सबसे पहले ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभाग से मानसून के विदा होने के संकेत हैं। इसके बाद इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग से भी मानसून की वापसी होगी।

5 अक्टूबर को इन जिलों में बारिश के आसार

मौसम विकास केंद्र के अनुसार, 5 अक्टूबर को पूर्वी हिस्से के कुछ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर में बूंदाबांदी के आसार हैं। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में अगले तीन दिन मौसम साफ रहने का अनुमान है।

अक्टूबर में दिन गर्म, रातें रहेंगी ठंडी

मानसून की विदाई के साथ आसमान साफ होने लगेगा, जिसका असर तापमान पर दिखाई देगा। अक्टूबर में दिन का तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है, जिससे दोपहर में गर्मी बढ़ेगी। वहीं रात के तापमान में गिरावट आने से ठंडक बढ़ेगी। मौसम विभाग के मुताबिक, अक्टूबर में बारिश का प्रभाव कम होने के साथ दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ना सामान्य है।

35.8 इंच बारिश के बाद विदा होगा मानसून

मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक 908.4 मिलीमीटर यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज की गई है। सामान्य बारिश 949.5 मिलीमीटर यानी 37.3 इंच है। इस तरह प्रदेश में बारिश सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम रही। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत ज्यादा, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

पूर्वी हिस्से के इन जिलों में 5 से 21 प्रतिशत तक कम गिरा पानी

पूर्वी हिस्से के बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 से 21 प्रतिशत तक कमी है। पश्चिमी हिस्से में आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज हुई है। हालांकि, भोपाल समेत 25 जिलों में बारिश का सामान्य कोटा पूरा हो चुका है।

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